25 April History: 25 अप्रैल का इतिहास, पढ़ें एक क्लिक में

Published On: April 25, 2026
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25 April History: एक समय था जब लोग सिनेमा के पर्दे पर चलती-फिरती तस्वीरें देखकर हैरान रह जाते थे। फिर धीरे-धीरे टेलीविजन घर-घर पहुंचा और “एंटेना घुमाओ, आवाज लगाओ” वाला दौर शुरू हुआ। भारत में टीवी का असली बदलाव तब आया, जब दूरदर्शन ने 25 अप्रैल 1982 को श्वेत-श्याम से रंगीन प्रसारण की शुरुआत की। यह दिन भारतीय प्रसारण इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है।

आइए जानते हैं 25 अप्रैल के दिन इतिहास में दर्ज कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं—

साल 1809 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और सिख शासक महाराजा रणजीत सिंह के बीच अमृतसर संधि पर हस्ताक्षर हुए, जिसने उत्तर भारत की राजनीतिक दिशा तय की।

1867 में Tokyo में विदेशी व्यापार की अनुमति दी गई, जिससे जापान के आधुनिकीकरण की राह खुली।

1905 में दक्षिण अफ्रीका में अश्वेतों को मताधिकार दिया गया, जो समानता की दिशा में एक अहम कदम था।

1953 में जेम्स डी वाटसन और फ्रांसिस क्रीक ने डीएनए की संरचना का खुलासा किया, जिससे आधुनिक जीवविज्ञान की दिशा बदल गई। इस खोज के लिए उन्हें 1962 में नोबेल पुरस्कार मिला।

1954 में बेल लेब्स ने पहली सोलर बैटरी बनाने की घोषणा की, जो ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति की शुरुआत थी।

1975 में सोवित यूनियन ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।

1980 में अमेरिका ने तेहरान स्थित अपने दूतावास से बंधकों को छुड़ाने का असफल प्रयास किया, जिसमें आठ सैनिक मारे गए।

1983 में जर्मनी की पत्रिका स्टर्न ने एडोल्फ़ हिटलर की कथित डायरी प्रकाशित करनी शुरू की, जिसकी प्रामाणिकता पर बाद में सवाल उठे।

1989 में इथियोपिया में दिमागी बुखार की महामारी से 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई।

2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप ने खासकर काठमांडू के आसपास भारी तबाही मचाई।

2020 में COVID-19 महामारी के दौरान भारत में संक्रमितों की संख्या 24,942 तक पहुंच गई और 779 लोगों की मौत दर्ज की गई।

2021 में पद्म भूषण से सम्मानित शास्त्रीय गायक पंडित राजन मिश्रा का कोविड-19 के कारण निधन हो गया। उसी वर्ष इराक की राजधानी बगदाद में कोविड अस्पताल में सिलेंडर विस्फोट से लगी आग में 82 लोगों की मौत हुई।

25 अप्रैल का दिन विज्ञान, राजनीति, आपदा और तकनीक के कई अहम पड़ावों का गवाह रहा है—जिसमें सबसे खास भारत में टीवी का रंगीन होना आज भी लोगों की यादों में जीवित है।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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