Haryana News: हरियाणा में जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के खिलाफ कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में हुए कार्यक्रम के दौरान हंगामा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इस केस में पार्टी के 8 अन्य पदाधिकारियों को भी नामजद किया गया है।
यह मामला 7 अप्रैल को केयू के डॉ. आरके सदन में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का आरोप है कि सामाजिक कार्यक्रम के नाम पर राजनीतिक गतिविधियां की गईं और कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इस संबंध में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर आनंद कुमार ने 17 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
क्या है पूरा मामला?
बताया गया कि 2 अप्रैल को एक सामाजिक कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी गई थी, जिसमें युवाओं को नशे से दूर रहने और राजनीति में भागीदारी के लिए प्रेरित करने की बात कही गई थी। यह बुकिंग यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर अजायब सिंह के माध्यम से हुई थी और इसे सामाजिक कार्यक्रम मानते हुए मंजूरी दे दी गई थी।
हालांकि, कार्यक्रम के दिन 300-400 लोगों की भीड़ जुटी, जिसमें बाहरी लोग भी शामिल थे। आरोप है कि कार्यक्रम में ड्रग्स जागरूकता से जुड़ा कोई सत्र नहीं हुआ, बल्कि राजनीतिक भाषण दिए गए। इस दौरान करीब 80 कुर्सियां तोड़ी गईं और अन्य संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा।
किन-किन पर दर्ज हुई FIR?
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दिग्विजय चौटाला के अलावा डॉ. जसविंदर खैहरा, विशाल मुकुमपुरा, नवीन सुहाग, दीपक मलिक, राजेश पायलट, मंजू जाखड़, राजू कुल, माही और इशिका राणा समेत अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 324(4), 329(3) और 61 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले भी हुई कार्रवाई
इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अजायब सिंह को पहले ही सस्पेंड कर दिया है।
इनसो ने मानी नुकसान की बात
घटना के अगले दिन छात्र संगठन इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुर्सियां टूटने की बात स्वीकार की और नुकसान की भरपाई करने की बात कही।
ABVP ने लगाए गंभीर आरोप
वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कार्यक्रम के दौरान हंगामा, तोड़फोड़ और छात्राओं से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए थे और यूनिवर्सिटी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की थी।










