चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है और राज्य सरकार की तरफ से इस सम्बन्धी बनायी जा रही योजनाओं में कपास उद्योगों का अहम स्थान है।
पंजाब काटन फैक्टरीज़ एंड जिन्नरज़ एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ यहाँ पंजाब भवन में हुई मीटिंग के दौरान इस बात को दोहराते हुए वित्त मंत्री स. हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र राज्य की आर्थिकता की मज़बूती में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इसको बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार ने एक सर्वपक्षीय पहुँच अपनाने का लक्ष्य रखा है।
मीटिंग के दौरान एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि देर से और बेमौसमी बारिशों के कारण नरमे की फ़सल के ख़राब होने और इसके निष्कर्ष के तौर पर कपास फ़ैक्टरियों को होने वाले आर्थिक नुकसान के मद्देनज़र बिजली बिल में लिए जाने वाले फिक्सड खर्चे माफ किये जाएँ। इसके इलावा उनके माँग पत्र में किसानों को कपास उगाने के लिए उत्साहित करना, विभाग की तरफ से अच्छी गुणवत्ता वाले कपास के बीजों की सप्लाई करना, कपास फ़ैक्टरियों के परिसरों में राइस मिलें लगाने की इजाज़त और पंजाब में फ़सल कपास की कमी को देखते हुए दूसरे राज्यों से कपास की सप्लाई को यकीनी बनाना भी शामिल था।
मीटिंग के दौरान एसोसिएशन की तरफ से जो अन्य माँगें उठाईं गईं, उनमें दो सालों के लिए दूसरे राज्यों से ख़रीदी गई कपास पर मार्केट फीस और आरडीएफ माफ करना, सेमग्रसत जिलों में पानी की निकासी के लिए भूमिगत पाईपें डालने के लिए बजट में उपबंध करना और अप्रैल में बुवाई के सीज़न के दौरान नहरी पानी की उपलब्धता यकीनी बनाना शामिल था।
इन माँगों पर हमदर्दी से सुनवाई करते हुये वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस सम्बन्ध में एक विस्तृत रिपोर्ट देने के इलावा प्रभावित जिलों के एक विधायक, उद्योग के 2 सदस्यों और सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को शामिल करके एक कमेटी का गठन करें।
google-site-verification: google37146f9c8221134d.html












