नेशनल हेराल्ड मामला: प्रवर्तन निदेशालय की दिल्ली के हेराल्ड हाउस पर छापेमारी

Published On: August 2, 2022
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sonia rahul ed herald


नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है. दरअसल सोनिया और राहुल से पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने दिल्ली के हेराल्ड हाउस पर छापेमारी की है

बताया जा रहा है कि दस्तावेजों की तलाश में नेशनल हेराल्ड के ठिकानों पर ईडी ने ये छापे मारे है. इस दौरान दस जनपथ पर हुई बैठक के दस्तावेजों की भी तलाश की जा रही है. इस मामले से जुड़े कई अहम लोगों के यहां भी छापेमारी हो सकती है


सोनिया गांधी और राहुल गांधी से हो चुकी है पूछताछ

इससे पहले 27 जुलाई को ही ED ने सोनिया गांधी से करीब 11 घंटे तक सवालजवाब किया था. यह पूछताछ 3 दिनों तक चली थी

इस दौरान ED ने सोनिया से हेराल्ड से जुड़े 40 से ज्यादा सवाल पूछे थे. सोनिया से पहले ED राहुल गांधी से भी 50 घंटे से ज्यादा की पूछताछ कर चुकी है. .


क्या है नेशनल हेराल्ड केस?

नेशनल हेराल्ड एक न्यूज पेपर है जिसे पंडित नेहरू ने साल 1938 में शुरू किया थाइसका मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी एजीएल के पास था, लेकिन 70 साल बाद साल 2008 में घाटे की वजह से अखबार को बंद करना पड़ा

आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सहमति से कांग्रेस के फंड से 90 करोड़ का लोन एजीएल को दिया गया. बाद में सोनिया और राहुल गांधी ने यंग इंडिया नाम से एक कंपनी बनाकर इस अखबार की संपत्ति पर कब्जा कर लिया

यंग इंडिया में सोनिया और राहुल के अलावा मोतीलाल वोरा और आस्कर फर्नांडिस की भी हिस्सेदारी थी. दोनों का निधन हो गया. साल 2012 में सुब्रमण्यन स्वामी की ओर से एक याचिका दाखिल कर इस पूरे कथित सौदे पर सवाल उठा दिए.  

साल 2014 में सोनिया और राहुल के खिलाफ कोर्ट से समन जारी हुआ. इसके बाद ईडी इस मामले में जांच कर रही है. वहीं साल 2015 में दोनों नेताओं को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत भी दी गई है

वहीं साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों ने नेताओं को कोर्ट में सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश होने की इजाजत दे दी लेकिन केस को बंद नहीं किया.


कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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