दिल्ली सड़कों पर वाहन चलाने वाले हो जाइये सावधान, गलती की तो घर पहुंचेगा 10 हज़ार का चालान

Published On: July 11, 2022
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नई दिल्ली. दिल्लीवालों के लिए ज़रूरी ख़बर हैदिल्ली की सड़कों पर अब बिना पीयूसी यानी पॉल्‍यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट  के वाहन नहीं दौड़ पाएंगे

दिल्ली में बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाने वाले वाहन मालिकों की अब मश्किलें बढ़ने जा रही हैदिल्ली सरकार का परिवहन विभाग उन वाहन मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर सकता है जिनके पास वैध पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं हैंजिन वाहन चालकों के पास पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं होगा उन्हें 10 हजार रुपये चालान के रूप में भरने पड़ेंगे.

प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए चलाए जा रहे अभियान

ग़ौरतलब दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार कई कदम उठा रही हैदिल्ली की सड़कों पर रेड लाइट ऑनगाडी ऑफ कैंपेन के अलावा एंटी डस्‍ट कैंपेन और एंटी ओपन बर्निंग कैंपेन आदि पर्यावरण विभाग की ओर से चलाए जाते रहे हैं

ऐसे में परिवहन विभाग भी अपने स्‍तर पर वायु प्रदूषण को कम करने की कवायद करता रहा हैइसी दिशा में अब पॉल्‍यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसीके बिना दौड़ रहे वाहनों पर लगाम कसने की तैयारी की जा रही है.

परिवहन विभाग हुआ और ज़्यादा सख़्त

परिवाहर विभाग के अधिकारियों की मानें तो दिल्ली की सड़कों पर बड़ी संख्‍या में बिना पीयूसी के वाहन दौड़ रहे हैंइन वाहनों से निकलने वाले धुएं से शहर की आबोहवा खराब हो रही हैबताया जाता है कि करीब 17,24,891 वाहनों का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट की वैलिडिटी समाप्‍त हो चुकी हैइन सभी वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग कार्रवाई तेज करने की तैयारी में है.

घर पहुंचेगा 10 हज़ार का चालान

विभाग ने साफ और स्‍पष्‍ट किया है कि बिना पीयूसीसी वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी जिसमें 10 हजार का जुर्माना या छह माह की सजा निर्धारित हैया फिर चालान और सजा दोनों भी हो सकते हैंइसके अलावा 3 माह तक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है.

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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