‘सच कुचलना राजहठ है’ राजद्रोह क़ानून पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राहुल गांधी

Published On: May 11, 2022
Follow Us

 



नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में देशद्रोह कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुईभारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना की अगुवाई वाली तीनन्यायाधीशों की पीठ ने मामले की सुनवाई की.

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देशद्रोह कानून पर तब तक रोक रहेजब तक इस पर फिर से समीक्षा ना होकोर्ट ने कहा है कि राजद्रोह की धारा 124-A में कोई नया केस नहीं दर्ज हो.

इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों पर रोक लगा दी हैराजद्रोह में बंद लोग जमानत के लिए कोर्ट जा सकते हैंकोर्ट ने कहा है कि नई FIR होती है तो वह कोर्ट जा सकते हैंइसका निपटारा जल्द से जल्द कोर्ट करेंचीफ जस्टीस ने कहा है कि केंद्र सरकार कानून पर पुनर्विचार करेगी

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को देशद्रोह कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुईभारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अगुवाई वाली तीनन्यायाधीशों की पीठ ने मामले की सुनवाई कीइस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देशद्रोह कानून पर तब तक रोक रहेजब तक इसका पुनरीक्षण होकोर्ट ने कहा है कि राजद्रोह की धारा 124-A में कोई नया केस नहीं दर्ज हो.

राहुल गांधी ने क्या कहा?

कांग्रेस सांसद और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि सच बोलना देशभक्ति हैदेशद्रोह नहींराजद्रोह क़ानून पर सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेश के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट कर अपनी राय रखी हैराहुल गांधी ने लिखा है– सच बोलना देशभक्ति हैदेशद्रोह नहींसच कहना देश प्रेम हैदेशद्रोह नहींसच सुनना राजधर्म हैसच कुचलना राजहठ हैडरो मत!

सच बोलना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं।
सच कहना देश प्रेम है, देशद्रोह नहीं।

सच सुनना राजधर्म है,
सच कुचलना राजहठ है।

डरो मत! pic.twitter.com/AvbWVxKh6p

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 11, 2022


बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह क़ानून के ख़िलाफ़ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि केंद्र इस पर फिर से विचार करेसुप्रीम कोर्ट ने इस क़ानून की समीक्षा होने तक इसके तहत कोई भी मामला दर्ज  करने का आदेश दियापहले मोदी सरकार ने अदालत में इस क़ानून की ज़रूरत का हवाला दिया थालेकिन बाद में अपने हलफ़नामे में केंद्र ने इस पर फिर से विचार करने की बात कही थी.

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Posts

Leave a Comment