बास को नगर पालिका बनाये जाने के निर्णय से वापस हटी सरकार, फिर से मिलेगा ग्राम पंचायत का दर्जा

Published On: April 6, 2022
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नारनौंद, हरियाणा: नगर पालिका गठन के विरोध में करीब सवा महीने से अनाज मंडी में धरना दे रहे ग्रामीणों को राहत भरी खबर मिली है. कल चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ जनसेवक मंच संयोजक एवं महम के निर्दलीय विधायक की मुलाकात के बाद आखिरकार सरकार ने अपना निर्णय वापस ले लिया है. 

कुंडू ने हालांकि कल ही बता दिया था कि उन्हें सीएम ने भरोसा दिलाया है कि वे जनभावनाओं का ख्याल रखते हुए अपनी सरकार का फैंसला वापस लेने को तैयार हैं. 

बताते चलें कि दो रोज पहले ही अनाज मंडी में ग्रामीणों के धरने को समर्थन देने पहुंचे महम के आजाद विधायक बलराज कुंडू ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि वे उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचाकर उनकी मांग को मनवाने के अपनक तरफ से पूरे प्रयास करेंगे. 


जिसके बाद उन्होंने कल बाकायदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस संदर्भ में अपना लिखित पत्र सौंप कर बास को नगर पालिका से वापस ग्राम पंचायत का दर्जा देने की हिमायत की और सरकार को बताया कि आपके फैंसले का 70 प्रतिशत से ज्याड़ा ग्रामीण विरोध कर रहे हैं और मैं इन गांव वालों के साथ हूं. 

उन्होंने मुख्यमंत्री खट्टर से अपनी सरकार के निर्णय को वापस लेने की मांग पूरी मजबूती से की. जिस पर सीएम ने उन्हें कल ही इस बात का भरोसा दिलाया था कि वे जल्द इस दिशा में जरूरी कार्यवाही कर रहे हैं और बास को दौबारा ग्राम पंचायत का दर्जा देने को वे राजी हो गए थे.

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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