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ट्रंप के एक कॉल से अमेरिका में क्यों बढ़ गई टेंशन ?

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अमित कुमार यादव, नई दिल्ली : राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के फोन कॉल का ऑडियो वायरल होने से पूरे अमेरिका में भूचाल आ गया है. वॉशिंगटन से लेकर जॉर्जिया तक हर तरफ हलचल तेज है. ट्रंप का वायरल ऑडियो यूएस मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है और हर तरफ इसी की जोर-शोर से चर्चा है. हालात ये हो गए हैं कि ट्रंप के अपने भरोसमंद ही अब उन्हें छोड़ने लगे हैं. 

वायरल ऑडियो के सामने आने के कुछ घंटों बाद जॉर्जिया में नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के यूएस अटॉर्नी ब्यूंग जे पाक ने अपना पद छोड़ दिया. ऐसा तब हुआ जब ब्यूंग जे पाक की नियुक्ति खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने की थी, हालांकि अपना पद छोड़ने को लेकर उनके ऑफिस से जो बयान जारी किया गया. उसमें किसी वजह का जिक्र नहीं है, लेकिन उनके इस्तीफे की टाइमिंग को इस फोन कॉल से जोड़ा जा रहा है.

स्टेटमेंट में लिखा गया है कि “ये मेरे पेशेवर करियर का सबसे बड़ा सम्मान रहा कि मैंने जॉर्जिया के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के यूएस अटॉर्नी के तौर पर अपने नागरिकों की सेवा की मैंने अपने पद पर रहते हुए नागरिकों को निष्पक्ष, प्रभावशाली और कुशल तरीके से न्याय दिलाने की पूरी कोशिश की. मुझे ये मौका देने के लिए मैं राष्ट्रपति ट्रंप और यूएस के सीनेट का आभारी हूं.”

आनन-फानन में ब्यूंग जे पाक के इस्तीफे से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है. अमेरिकी टीवी चैनलों में इस पर बहस छिड़ गई है. इतना ही नहीं जॉर्जिया के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ब्रैड रैफेनस्पर्जर ने भी कॉल को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है और मीडिया के सामने आ गए हैं. ब्रैड ने एक अमेरिकी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि पूरी बातचीत में ज्यादातर वक्त ट्रंप बोलते थे और हम सुनते थे, लेकिन रिपब्लिकन होने के बावजूद मैंने अपनी ड्यूटी निभाई और निष्पक्ष चुनाव कराए. ब्रैड रैफेनस्पर्जर ने ट्रंप के गलत चुनाव कराने के सारे आरोप इंटरव्यू में खारिज कर दिए, लेकिन इस फोन कॉल के वायरल होने के बाद ब्रैड रैफेनस्पर्जर की मुश्किलें बढ़ गई हैं, उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिलने लगी हैं.

ब्रैड की पहचान एक कद्दावर रिपब्लिकन नेता के तौर पर है लेकिन ट्रंप को ना करने के बाद वो कई लोगों के निशाने पर आ गए हैं. इसके साथ ही अब अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ विरोध  शुरू हो गया है. दो डेमोक्रेटिक नेताओं ने एफ़बीआई को लिखकर ‘राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ फौरन आपराधिक जांच शुरू करने की मांग की है. कैलिफ़ॉर्निया के टेड लियू और न्यूयॉर्क की कैथलीन राइस ने लिखा है कि “कांग्रेस के सदस्य और पूर्व अभियोजक होने के नाते हमारा मानना है कि डॉनल्ड ट्रंप कई चुनावी अपराधों की साज़िश के लिए लालच दे रहे थे”

इतना सब होने के बाद भी ट्रंप है कि अपनी हार मानने को तैयार नहीं हैं. जॉर्जिया में सीनेट की दो सीटों के लिए वोटिंग होनी है. इसको लेकर शनिवार को ट्रंप ने जॉर्जिया में एक रैली की और रैली के दौरान भी उन्होंने अपनी जीत की बात कही.अब इस फोन कॉल के सामने आने के बाद सीनेट का चुनाव रिपब्लिकन्स के लिए सिरदर्द बन गया है. क्योंकि फोन कॉल का असर चुनावों पर पड़ने की पूरी संभावना है. 

रिपब्लिकन को डर सताने लगा है कि जॉर्जिया की सीनेट की दो सीटों की दौड़ में वो कहीं पिछड़ ना जाए, अगर रिपब्लिकन जॉर्जिया की दोनों सीनेट की सीट जीत जाते हैं तो वो ऊपरी सदन में कंट्रोल बरकरार रखेंगे लेकिन अगर उनके उम्मीदवार हारते हैं तो डेमोक्रेट्स का क़ब्ज़ा सीनेट, हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स और व्हाइट हाउस तीनों पर हो जाएगा. ऐसे में जॉर्जिया सीनेट की दो सीटें ट्रंप के लिए काफी अहम हैं. दूसरी तरफ बाइडेन के राष्ट्रपति पद संभालने में करीब दो हफ्ते का वक्त बाकी बचा है. अब देखना ये है कि ट्रंप के फोन कॉल के इस खुलासे के बाद वो इस पर क्या कदम उठाते हैं.



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