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पुरातत्व एवं संग्रहालय राज्यमंत्री अनूप धानक ने गणतंत्र दिवस पर क्या संदेश दिया, पढ़ें

पुरातत्व एवं संग्रहालय राज्यमंत्री अनूप धानक ने गणतंत्र दिवस पर क्या संदेश दिया, पढ़ें


फरीदाबाद, 26 जनवरी. प्रदेश के पुरातत्व एवं संग्रहालय राज्य मंत्री अनूप धानक ने कहा कि आज हम देश का 72वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. आज के इस पावन अवसर पर इस बार मैं कोरोना योद्धाओं का सबसे बड़ा शुक्रगुजार हूं और हम सभी उन्हें नतमस्तक हैं. वह मंगलवार को सेक्टर-12 के हैलीपैड मैदान में जिलास्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण करे के उपरांत अपना संदेश दे रहे थे. इस दौरान उन्होंने परेड़ का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी भी ली. इससे पहले उन्होंने टाउन पार्क स्थित जिलास्तरीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. एक दौर तो ऐसा भी आया जब अपने-आपको महाशक्ति बताने वाले देश भी इसके सामने लाचार नजर आए लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जावान व गतिशील नेतृत्व में भारत ने धैर्य और संयम से काम लिया और इस महामारी का डटकर मुकाबला किया. यही कारण है कि भारत में इसके संक्रमितों की मृत्यु-दर पश्चिमी देशों के मुकाबले बेहद कम रही. देश के असंख्य डॉक्टरों, नर्सों, पैरा-मेडिकल स्टाफ, पुलिस कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं आदि ने कोरोना योद्धा के रूप में मानवता की महान सेवा की है. अब चूँकि कोरोना की वैक्सीन आ गई है, इसलिए उम्मीद है कि जल्द ही हम इस महामारी को हराने में कामयाब होंगे. उन्होंने कहा कि सन 1950 में आज ही के दिन हमारा संविधान लागू हुआ था. संविधान सभा के सदस्यों ने लगभग तीन वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद यह संविधान तैयार किया. इसी संविधान की बदौलत छोटे-बड़े, अमीर-गरीब, सभी को न्याय, स्वतंत्रता और समानता का अधिकार मिला.

उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में हरियाणा का अहम योगदान रहा है. सन् 1857 की क्रांति सबसे पहले अंबाला छावनी से ही शुरू हुई थी. हरियाणा के लोग आज भी सेना में भर्ती होना अपनी शान समझते हैं. यही कारण है कि आज भारतीय सेना का हर दसवां जवान हरियाणा से है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने पिछले लगभग पौने सात सालों में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिससे दुनियाभर में भारत का गौरव और प्रतिष्ठा बढ़ी है. केन्द्र सरकार ने जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद-370 व धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के हमारे महापुरुषों के सपने को पूरा करने का काम किया है. इसी तरह उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर की आधारशिला रखकर करोड़ों देशवासियों की आस्था को मजबूती देने का काम किया है.

पुरातत्व एवं संग्रहालय राज्यमंत्री ने कहा कि हम अपने शहीदों के बलिदानों का कर्ज तो नहीं चुका सकते, लेकिन उनके परिजनों को कुछ सुविधाएं देकर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता अवश्य जता सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वतंत्रता सेनानियों व उनकी विधवाओं को 25 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती है. वीरगति को प्राप्त होने वाले सैनिकों के परिवारों को दी जाने वाली एक्स-ग्रेसिया ग्रांट 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है. भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की पेंशनों में बढ़ोतरी की गई है. वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान वीरगति को प्राप्त होने वाले हरियाणा के शहीदों के 332 आश्रितों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं. सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए ‘सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण विभाग’ का गठन किया गया है. वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को राज्य परिवहन की सामान्य बसों में राज्य की सीमा के अंदर मुफ्त यात्रा सुविधा दी गई है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के ओजस्वी नेतृत्व में मौजूदा सरकार ‘सुशासन से सेवा का संकल्प’ लेकर आई है. लेकिन जब तक सरकारी तंत्र में आमूल-चूल परिवर्तन नहीं होगा तब तक ‘सुशासन से सेवा का संकल्प’ भी पूरा नहीं होगा. राज्य सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन के अनुरूप ‘सबका साथ-सबका विकास’ और ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ के मूलमंत्र पर चलते हुए पूरे हरियाणा और प्रत्येक हरियाणवी के विकास का बीड़ा उठाया है. पिछले सवा छ: सालों में जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाई-भतीजावाद से ऊपर उठकर काम किया है. भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पारदर्शी शासन दिया है.

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार का मानना है कि सिस्टम में पारदर्शिता का अभाव भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा कारण है. मानवीय दखल को कम करने के लिए सरकार ने ई-गवर्नेंस का रास्ता अपनाया है. यही कारण है कि आज प्रदेश में 41 विभागों की लगभग 550 सेवाएं और योजनाएं अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं. इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आई है, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और लोगों को अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे मिलने लगा है. उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में और अधिक पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ‘ऑपरेशन शुद्धि‘ के तहत डी.टी.ओ. के पद सृजित किए गए हैं. चैकिंग के दौरान कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा बॉडी कैमरे लगाने अनिवार्य किये गये हैं. खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए ‘ई-रवाना स्कीम’ लागू की गई है. इससे कर-चोरी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से ’ईज ऑफ लीविंग’ की दिशा में काम कर रही है. वर्ष 2020 को ’सुशासन संकल्प वर्ष’ के तौर पर मनाया गया. इस साल को ’सुशासन परिणाम वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है. सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उसके सही हकदार को मिले और किसी भी लाभार्थी को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए ‘मेरा परिवार-मेरी पहचान’ के नाम से एक अनूठा कार्यक्रम शुरू किया गया है. सभी तहसीलों में पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ई-रजिस्ट्रेशन और ई-स्टांप प्रणाली शुरू की गई है. भू-रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करने के लिए तहसीलों में समेकित भू-रिकॉर्ड सूचना प्रणाली वैब हैलरिस लागू की गई है. गांवों की संपत्ति को विशेष पहचान देने और भूमि मालिकों को मालिकाना हक देने के मकसद से गांवों को लाल डोरा मुक्त करने की योजना ’स्वामित्व’ शुरू की गई है. इस योजना के तहत प्रदेश में अब तक 411 गांवों के अलावा तीन शहरों-करनाल, जीन्द और सोहना को भी लाल डोरा-मुक्त किया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य से नए विभाग भी बनाए गए हैं. डिजिटल साधनों से सरकारी सेवाओं व योजनाओं का लाभ देने के लिए अलग से ‘नागरिक संसाधन सूचना विभाग’ का गठन किया गया है. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ’एमएसएमई’ विभाग का गठन किया गया है. युवाओं को विदेशों में रोजगार संबन्धी सहायता के लिए ‘विदेश सहयोग विभाग’ बनाया गया है. विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों द्वारा चलाई जा रही सभी आवास योजनाओं को एक छत के नीचे लाने के लिए ‘सभी के लिए आवास’ विभाग गठित किया गया है. उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने न केवल शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों का मान बढ़ाया है, बल्कि खेत में दिन-रात पसीना बहाकर पूरे देश का पेट भरने वाले अन्नदाता किसान की मेहनत का भी पूरा सम्मान किया है. मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय या 5 एकड़ तक भूमि वाले परिवारों को 6 हजार रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जा रही है.

हरियाणा ऐसा राज्य है जहां देश में एमएसपी पर सबसे ज्यादा फसलों की खरीद की जाती है. किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसल सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई है. फसल की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ के नाम से ई-खरीद पोर्टल शुरू किया गया है. बागवानी फसलों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए ‘भावांतर भरपाई स्कीम’ लागू की गई है. प्राकृतिक आपदा के चलते होने वाले किसी तरह के नुकसान की भरपाई के लिए ’मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ शुरू की गई है. जल संरक्षण तथा मक्का व अरहर खेती के प्रोत्साहन के लिए ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना शुरू की गई है. किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुपालकों के लिए ’पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ शुरू की गई है.

उन्होंने कहा कि राज्य की 6197 ग्राम पंचायतों के संपूर्ण डाटा और पंचायत द्वारा करवाए जाने वाले आवश्यक कार्यों की जानकारी देने के लिए ‘ग्राम दर्शन‘ पोर्टल शुरू किया गया है. पंचायतीराज संस्थाओं में और सुधार के लिए मतदाताओं को ‘राइट टू रीकॉल‘ दिया गया है. सरकार ने इन संस्थाओं में महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व और बी.सी.-ए को 8 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का काम किया है.

जल जीवन मिशन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण आंचल के हर घर में पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत ’हर घर नल से जल’ योजना शुरू की गई है. अब तक प्रदेश के तीन जिलों-पंचकूला, अंबाला और कुरुक्षेत्र के सौ फीसदी घरों में पानी के कनैक्शन दिए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि हरियाणा ऐसा राज्य है जहां देश की पहली अन्तर-जिला परिषद् का गठन किया गया है. प्रदेश के गांवों को स्मार्ट बनाने के लिए हरियाणा स्मार्ट ग्राम प्राधिकरण का गठन किया गया है. दस हजार तक की आबादी वाले गांवों के लिए ‘दीनबन्धु हरियाणा ग्राम उदय योजना’ तथा इससे अधिक आबादी वाले गांवों के चौतरफा विकास के लिए ‘महाग्राम विकास योजना’ बनाई गई है. तालाबों के सुधार के लिए हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण गठित किया गया है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में भी आधुनिक बुनियादी ढाँचे के विकास पर विशेष बल दे रही है. सरकार ने शहरी निकायों को मजबूत करने के लिए नगर निगमों की तर्ज पर नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में भी अध्यक्ष पद के लिए सीधा चुनाव करवाने का निर्णय लिया है. जमीनी स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लाने और शक्तियों के विकेंद्रीकरण की प्रतिबद्धता को पूरा करने के मकसद से जिला पालिका आयुक्त लगाए गए हैं. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के दिन बिजली सबसे बड़ी जरूरत है. मौजूदा सरकार के कार्यकाल में वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगभग 6772 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. ‘म्हमारा गांव-जगमग गांव’ योजना के तहत 10 जिलों के सभी गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है. प्रदेश के 5080 से अधिक गाँवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है.

प्रदेश में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है. ’मनोहर ज्योति योजना’ के तहत घरों में सोलर सिस्टम लगवाने के लिए 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में किफायती, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है. इसके लिए प्रदेश में नए चिकित्सा संस्थान खोलने के साथ-साथ मौजूदा संस्थानों में भी चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी से एमआरआई एवं सिटी स्कैन मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं. ‘‘आयुष्मान भारत योजना‘‘ के तहत एक लाख 80 हजार रुपये से कम आय व 5 एकड़ से कम भूमि वाले परिवारों को मुक्रत चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं. सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए ’सीमित कैशलेस चिकित्सा सेवाएं’ योजना शुरू की गई है. प्रदेश में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए हर जिले में एंटी-नारकोटिक सैल तथा पंचकूला में अन्तर्राज्यीय ड्रग्स सचिवालय स्थापित किया गया है.

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कदम से कदम मिलाते हुए आगे बढऩे के साथ-साथ राज्य के लोगों द्वारा अपनी विरासत को जानना और उस पर मान करते हुए उससे जुड़े रहना बहुत जरूरी है. सरकार के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं. प्रदेश के छात्रों को हरियाणा की विरासत से रूबरू कराने के लिए स्कूलों में हेरिटेज कॉर्नर की स्थापना किए जाने के साथ-साथ हरियाणा की विरासत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र ही स्कूली छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा. पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा राखीगढ़ी पर एक विशेष कवर ‘द विलेज ऑफ हेरिटेज’ जारी किया गया है तथा जल्द ही हिसार के राखी गढ़ी पर स्मारक डाक टिकट भी जारी किया जाएगा. राखीगढ़ी में बनाए जा रहे ‘म्यूजियम एंड इंटरप्रिटेशन सेंटर’ का 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और बाकी 20 प्रतिशत भी कुछ ही समय में पूरा कर राज्य के लोगों को सौंप दिया जाएगा. हरियाणा सरकार द्वारा पंचकूला में राज्य पुरातात्विक संग्रहालय की स्थापना भी की जा रही है जो प्रदेश व देश ही नहीं बल्कि विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के पिछड़े और कमजोर तबकों के लोगों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. ‘मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली सभी वर्गों की विधवाओं, निराश्रित महिलाओं और खिलाडिय़ों को उनकी या उनकी बेटियों की शादी में 51 हजार रुपये तक का शगुन दिया जाता है. इसके साथ ही महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ‘, सुकन्या समृद्धि योजना, ’आपकी बेटी-हमारी बेटी’, ’महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’, ’मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना’ और ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ जैसी कई योजनाएं शुरू की गई हैं. इसी तरह, 9वीं से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं के लिए शिक्षा संस्थानों तक सुरक्षित आवागमन हेतु ’छात्रा सुरक्षित परिवहन’ योजना चलाई जा रही है.

उन्होंने कहा कि सरकार ने हरियाणा पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है. दुर्गा शक्ति वाहिनी का गठन किया गया है और महिला हैल्पलाइन 181 शुरू की गई है. इसके अलावा, सरकार ने 12 साल तक की बच्ची से बलात्कार पर फांसी की सजा का प्रावधान किया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 67 नए कॉलेज खोले गए हैं जिनमें से 42 कॉलेज केवल लड़कियों के लिए हैं. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश में 11 नए कॉलेज खोलने की घोषणा की थी. इसके साथ ही हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां 15 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज होगा. इसके अलावा, प्रदेश में बड़े पैमाने पर संस्कृति मॉडल स्कूल भी खोले जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद को समाप्त किया है. पिछले सवा छ: साल में 80 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरियां प्रदान की गई हैं. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने ग्रुप-सी व डी पदों के लिए पहली जनवरी से एकल पंजीकरण और कॉमन एंट्रेंस टेस्ट शुरू किया है. इसके अलावा, ग्रुप-सी व डी की नौकरियों के लिए इंटरव्यू भी खत्म किया गया है. उच्च शिक्षा के लिए ‘क्रेडिट गारंटी योजना‘ के माध्यम से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर शिक्षा ऋण की सुविधा दी गई है. पैसे के अभाव में प्रतिभा दबी न रहे, इसलिए सरकार ने होनहार विद्यार्थियों को सरकारी खर्च पर कोचिंग दिलाने का बीड़ा उठाया है. विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के होनहार विद्यार्थियों के लिए ’सुपर-100 कार्यक्रम’ शुरू किया गया है. हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां बेरोजगार युवाओं को 100 घण्टे का काम देने के लिए ’सक्षम युवा’ योजना शुरू की गई है. युवाओं के कौशल विकास के लिये ‘हरियाणा कौशल विकास मिशन’ बनाया गया है. जिला पलवल के गांव दुधोला में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है. यह विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’कौशल भारत’ और ’आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 172 सरकारी तथा 242 निजी आईटीआई द्वारा युवाओं के कौशल विकास का कार्य किया जा रहा है. दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली की तर्ज पर आई.टी.आई, ऊंचामाजरा के भवन में जापान-भारत विनिर्माण संस्थान स्थापित करने हेतु मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता किया गया है. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा आई.टी.आई. पास उम्मीदवारों को 10वीं और 12वीं कक्षा के हिन्दी व अंग्रेजी विषय की परीक्षा पास करने के बाद 10वीं व 12वीं की समकक्षता प्रदान की गई है. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए एक तरफ जहां उन्हें रोजगारोन्मुखी शिक्षा मुहैया करवाई जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ खेलों में भविष्य बनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है. खिलाडिय़ों को श्रेणी-एक से चतुर्थ श्रेणी तक के पदों की सीधी भर्ती में आरक्षण दिया गया है. नए पुरस्कार शुरू किए हैं और पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की है. हाल ही में अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद अवार्डियों का मानदेय 5000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये मासिक किया गया है. अब तेनजिंग नोरगे अवार्डी और भीम अवार्डियों को भी मानदेय दिया जाएगा. सरकार ने ओलम्पिक और पैराओलंपिक्स खेलों में ञ्चवालीफाई करते ही तैयारी के लिए खिलाड़ी को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि एडवांस में देने का निर्णय लिया है. खिलाडिय़ों की खुराक राशि 150 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये की गई है. सरकार ने विश्व की 10 सबसे ऊँची चोटियों को फतह करने वाले हरियाणा के पर्वतारोहियों को 5 लाख रुपये नकद और ग्रेड-सी स्पोट्र्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट देने का निर्णय लिया है. बड़ी खुशी की बात है कि ’खेलो इंडिया यूथ गेम्स- 2021’ की मेजबानी का मौका इस बार पंचकूला को मिला है.

उन्होंने कहा कि आज औद्योगिक क्षेत्र में भी हरियाणा की अपनी अलग पहचान है. उद्यमियों को एक ही छत के नीचे स्वीकृतियां प्रदान करने के लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र की स्थापना की गई है. प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अलग से एम.एस.एम.ई. विभाग का गठन किया गया है. छोटा-मोटा काम शुरू करने के लिए 3 लाख गरीब लोगों को 15 हजार रुपये तक का ऋण केवल 2 प्रतिशत ब्याज पर देने का निर्णय लिया गया है. व्यापारियों के लिए ’मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना’ और ’मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना’ के नाम से दो नई बीमा योजनाएं शुरू की गई हैं. उद्योगों के फलने-फूलने तथा प्रदेश के समुचित विकास के लिए बुनियादी ढांचे का विकास बेहद जरूरी है. राज्य सरकार प्रदेश में सडक़, रेल और मेट्रो के विस्तार पर विशेष बल दे रही है. मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में 1070 किलोमीटर लंबे 17 राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए गए हैं. केन्द्रीय मंत्रिमंडल से 5617 करोड़ रुपये की लागत से 121 किलोमीटर लंबे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है. यह कॉरिडोर पलवल से सोनीपत वाया सोहना-मानेसर-खरखौदा से निकलेगा. रोहतक-महम-हांसी रेलवे लाइन का कार्य शुरू हो गया है. इसी तरह, रोहतक-गोहाना रेलवे लाइन पर देश का पहला 4.8 कि.मी लम्बा रेलवे एलिवेटिड ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है.

उन्होंने कहा कि घर हरेक व्यक्ति की बुनियादी जरूरत है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2022 तक हर परिवार के पास अपना घर हो. उनके इस सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में राज्य सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक लगभग 55 हजार 900 मकान और 19 हजार 600 से अधिक फ्लैट्स बनाए गए हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी गरीबों के लिए आवासीय ऋणों पर ब्याज दरों में 6.5 प्रतिशत रियायत दी जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सेवाएं मुहैया करवाने के लिए प्रतिबद्ध है. विभाग के कर्मठ कर्मचारियों ने कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान भी अपनी जान की परवाह न करते हुए लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने का काम किया है. हरियाणा रोडवेज समाज के कई वर्गों को मुक्रत या रियायती यात्रा सुविधाएं मुहैया करवाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहा है. प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को राज्य की सीमा के अन्दर बस किराये में दी जा रही 50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर अन्य राज्यों के गन्तव्य स्थान तक कर दिया गया है. राज्य सरकार ने सडक़ हादसों को कम करने के लिए राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा नीति की तर्ज पर प्रदेश में नई राज्य सडक़ सुरक्षा नीति लागू की गई है. वर्तमान सरकार ने प्रदेश में नई व्यवस्था कायम करके लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया है और भविष्य में भी सरकार का यही प्रयास रहेगा.

इस अवसर पर बडख़ल की विधायक सीमा त्रिखा, फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता, तिगांव के विधायक राजेश नागर, पुलिस आयुक्त ओपी सिंह, उपायुक्त यशपाल, अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान, एसडीएम जितेंद्र कुमार, सीईओ जिला परिषद अमरजीत सिंह मान, सीटीएम मोहित कुमार, बीजेपी जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा, जेजेपी शहरी जिलाध्यक्ष तेजपाल डागर व जेजीपी ग्रामीण जिलाध्यक्ष अरविंद भारद्वाज, डीईओ सतिंद्र कौर, डीईईओ रितु चौधरी सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे.

मार्च पास्ट में हरियाणा पुलिस की टुकड़ी प्रथम, होमगार्ड द्वितिय जिलास्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में मार्च पास्ट में हरियाणा पुलिस की टुकड़ी प्रथम स्थान पर रही. वहीं होमगार्ड की टुकड़ी दूसरे व राजकीय बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल ओल्ड फरीदाबाद की सेंट जॉन ब्रिगेड़ की टुकड़ी तीसरे स्थान पर रही. सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओल्ड फरीदाबाद ने राजस्थानी नृत्य, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एनआटी-2 की छात्राओं ने राजस्थानी नृत्य और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एनश्वआईटी-3 की छात्राओं ने हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत किया. इनको भी सम्मानित किया गया.

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