News
भारत

पश्चिम बंगाल: लंबे इंतजार के बाद जारी हुए आधिकारिक नतीजे, ममता बनर्जी ने रोका बीजेपी के अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा, टीएमसी ने रची जीत की हैट-ट्रिक


नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. हालांकि इन नतीजों के लिए पूरे एक दिन का इंतजार करना पड़ा है. यूं तो रुझानों में रविवार को ही स्पष्ट हो गया था पश्चिम बंगाल में टीएमसी की ही सरकार बनने जा रही है. लेकिन आधिकारिक तौर पर भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर इस चुनाव के नतीजे सोमवार दोपहर को घोषित हुए हैं.

आप को बता दें कि पश्चिम बंगाल की 292 विधानसभा सीटों में से बहुमत के लिए 147 सीटों की आवश्यकता थी. इनमें से टीएमसी ने 213 सीटें हासिल कर लगातार तीसरी बार सत्ता की सीढ़ियां चढ़ने की तैयारी कर ली है.

बता दें कि 2016 में भी ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ने विधानसभा चुनाव में 211 सीटें जीती थीं. ऐसे में माना जा रहा है कि मोदी लहर का पश्चिम बंगाल में टीएमसी के प्ररदर्शन बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ा है. हालांकि ये जरूर कहा जा सकता है कि पश्चिम बंगाल में लेफ्ट और कांग्रेस के मतदाता सीधे-सीधे बीजेपी की तरफ झुक गए. क्योंकि 2016 में लेफ्ट और कांग्रेस के गठबंधन ने 76 सीटें जीती थीं. लेकिन इस चुनाव में ये गठबंधन बुरी तरह औंधे मुंह गिरकर शून्य से आगे नहीं बढ़ पाया.

वहीं, इस चुनाव में तमाम दावों के बावजूद बीजेपी भी पश्चिम बंगाल में 77 सीटों पर ही सिमट गई. हालांकि 2016 के चुनावों की तुलना में देेखें तो बीजेपी प्रदर्शन बेहद जबरदस्त माना जा सकता है. क्योंकि तब बीजेपी सिर्फ तीन सीटों पर ही जीत हासिल करने में कामयाब हुए थे.

आइए जानते हैं पश्चिम बंगाल के नतीजों को पार्टी और आंकड़ेवार ढंग से- 

बीजेपी के प्ररदर्शन को लेकर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष ने बयान जारी कर कहा है कि- चूक कहां हुई इसपर हम चर्चा करेंगे और आगे बढ़ेंगे. पिछले चुनाव में हमने 3 सीटें जीतीं थी, इस बार हमने 80 के आस-पास सीटें जीतीं हैं. हमने बड़ा लक्ष्य रखा था, उस लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए. अपने नेतृत्व को, कार्यकर्ताओं को धन्यवाद करता हूं.

न्यूज 24 ने दिया था सबसे सटीक एग्जिट पोल

बता दें कि न्यूज़ 24 ने भी सबसे सटीक एग्जिट पोल में बताया था कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी 180 (±11) से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल कर सकती है. जबकि कई अन्य एग्जिट पोल बीजेपी और टीएमसी में कांटे की टक्कर दिखा रहे थे. तो कुछ अन्य पश्चिम बंगाल में बीजेपी को विजयी बता रहे थे.

आप को बता दें कि तृणमूल कांग्रेस की जीत का इशारा रुझानों में ही मिल गया था, जिनमें टीएमसी शुरुआत से ही बड़ी बढ़त बनाए हुए नजर आ रही थी. यही कारण था कि रविवार शाम को ही पश्चिम बंगाल में पत्रकारों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के नजदीक बुला लिया गया था. राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे टीएमसी के जीत के इशारे के तौर पर देखा था. तब मान लिया गया था कि मुख्यमंत्री बनर्जी जल्द ही पत्रकारों से बातचीत में जीत की घोषणा कर सकती हैं.

जीत को लेकर आश्वस्त होने के बाद ममता बनर्जी रविवार शाम को ही सामने आई और उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कोरोना महामारी को देखते हुए किसी भी तरह के विजय जुलूस ना निकालने की अपील की. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी को जीत की बधाई देते हुए, कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है.

हालांकि नंदीग्रााम सीट पर हुई ममता बनर्जी की हार ने टीएमसी की जीत में खटास जरूर डाल दी है. आप को बता दें कि आखिर तक ममता बनर्जी और कभी उनके सिपहसलार रहे शुवेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर रहने की वजह से टीएमसी कार्यकर्ताओं की सांसे अटकी हुई रही थीं.

मतगणना की शुरुआत में ही अधिकारी ने बनर्जी पर बढ़त बना ली थी. लेकिन बाद के राउंड की काउंटिंग में ममता बनर्जी के 1200 मतों से विजयी होने की भी खबरें आईं. लेकिन ये खबरें भ्रामक साबित हुई. और आखिर में जीत शुवेंदु अधिकारी की ही झोली में गिरी. हालांकि टीएमसी ने नंदीग्राम सीट पर फिर से मतगणना की मांग उठाई है.

बता दें कि इस चुनाव में ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट छोड़कर अधिकारी का मुकाबला करने नंदीग्राम पहुंची थीं. जबकि शुवेंदु अधिकारी इस चुनाव में जीत हासिल करने में नाकाम रहने पर राजनीति छोड़ने की बात कह चुके थे.



न्यूज़24 हिन्दी

You might also like