Video: सोमनाथ मंदिर के सामने महमूद गजनवी के कसीदे पढ़ने वाले को खोजने लगी पुलिस तो कहने लगा ये सब

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(ठाकुर भूपेंद्र सिंह) अहमदाबाद: सुप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर पास खड़े होकर मुस्लिम आक्रांता महमूद गजनवी के कसीदे पढ़ने वाले मौलाना का वीडियो वायरल होने के बाद गुजरात पुलिस हरकत में आ गई है. मामले में मंदिर प्रशासन की ओर से पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है. मौलाना यू ट्यूबर है इनकी पहचान पुलिस ने कर ली है. इधर मौलाना ने देखा कि नाराजगी बढ़ रही है और पुलिस भी खोज रही थी तो उसने दूसरा वीडियो पोस्ट कर दिया जिसमें उसने माफी मांग ली है. 

गुजरात के सोमनाथ मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालु आते है, लेकिन अबकी बार ये मंदिर एक मौलाना की वजह से चर्चा में है. मौलाना का एक वीडियो सामने आया जिसकी वजह से श्रद्धालुओं में काफी नारजगी देखने को मिल रही है. सोशल साइट में इसके खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. वीडियो वायरल होने के बाद सोमनाथ पुलिस भी हरकत में आई है और जांच पड़ताल में जुट गई है. 

शुरूआती जांच में पता चला की वीडियो में मोहमद गजनी के सोमनाथ हमले की तारीफ करने वाले युवक का नाम इरशाद राशिद है. इरशाद की “जमाते अदिला ए हिन्द ” नाम ये यू-ट्यूब चैनल भी है.  सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के जनरल मैनेजर विजयसिंह चावड़ा ने पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में इन तमाम बातों का उल्लेख भी किया है. पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी करवाई शुरू कर दी है. गौतलब है कि सोमनाथ मंदिर को जेड केटेगरी की सुरक्षा प्राप्त है. इधर मौलाना ने एक दूसरा वीडियो वायरल किया है. जिसमें वो माफी मांगते हुए नजर आ रहा है. 

वीडियो पोस्ट कर कही ये बातें: 

सोमनाथ मंदिर की तरफ इशारा कर शख्स बोला-  ‘महमूद गजनवी ने किया बड़ा काम, रोशन बाब के अंदर लिखे हुए हैं कारनामे. ये सोमनाथ मंदिर है, जिसे महमूद गजनवी की तारीख जो आप पढ़ते हैं, हजरात और पढ़नी चाहिए हमें, मोहम्मद इबने-कासिम, अल्लाह का शुक्र है कि मुसलमानों की जो तारीख है, वो रोशन तारीख है, हमें किसी भी अतीबार से न दबने की, न झुकने की किसी भी अतीबार से नहीं है. अल्हम्दुलिल्लाह, हमारे असलाफ ने बड़े नुमाया कारनामे अंजाम दिए थे. हमें चाहिए कि हम उन कारनामों को खुद भी पढ़ें और दूसरों को भी उसको पढ़ाएं और दिखाएं कि हमारे कारनामे, अल्हम्दुलिल्लाह रोशन बाब के अंदर लिखे हुए हैं. 

अब जरूरत है कि जो नसल इस वक्त में जो नसल-ए-नौह चल रही है ये भी अपने असलाफ की, अपने आबो अवदाद की, वो तारीखी कारनामे, जिस तरीके से मोहम्मद इबने-कासिम ने दरिया को पार किया और पूरे हिंदुस्तान को फतह किया और इसी तरह महमूद गजनवी ने बड़ा काम किया है. तो अल्लाह के अहसान है कि तमाम के तमाम अल्लाह के वली थे इसमें कोई शक नहीं है. 

आज की तारीख उन्हें भले ही चोर और डाकू कहे या इसी तरीके से जो भी कुछ कहती रहे लेकिन हमेशा तारीख ने उन्हीं को मुंसिफ और इसी तरीके से इंसाफ पसंद और दीन की इशाद करने वाला, इस्लाम की इशाद करने वाला पाया है. ये तमाम का तमाम समुंदर आप हजरात देख रहे हैं और जिसके मुताल्लिक कहा गया, वैसे तो वो शेर तवकुफ के हवाले से है, “कि दूर बैठा कोई तो दुआएं देता है, मैं डूबता हूं समुंदर उछाल देता है.” 

इसके बाद वीडियो बना रहा मौलवी सोमनाथ मंदिर की तरफ इशारा करते हुए कहता है कि ”ये सामने आप सोमनाथ का मंदिर देख रहे हैं. यहां से तकरीबन आधा किलोमीटर दूर है. अभी हम वहां भी गए थे. अलहमदुल्लिहा हमारे असलाफ की, हमारे आवोहवदाद की रोशन तारीख है. आप हजरात उस तारीख को देखिए पढ़िए और वो मिसरा यादि किजिए कि “जो कौम अपनी तारीख को मिटा देती है, तारीख भी उस कौम को सोफा-ए-हस्ती से मिटा देती है”. 

तो जरूरत है कि नौजवान तबका खुसूसन अपनी तारीख को पढ़े, अपनी तारीख को देखे, अपने आबाओ-हजदाद के वो अजीम कारनामे, जो वो इस सरजमीन ए हिंदुस्तान के ऊपर कर के गए हैं दिखा के गए हैं और आने वाली कौम के लिए मसाल-ए-राह हैं तो हमें चाहिए कि हम जरूर उन चीजों को पढ़ें, उन चीजों को देखें.”



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