Video: बंगाल Conclave, आज भी कहता हूं ममता बनर्जी ने चोट के बहाने सियासी पाखंड किया था- अधीर रंजन चौधरी

News

नई दिल्ली: बंगाल के इलेक्शन बैटल के बीच News 24 बंगाल Conclave के तहत संदीप चौधरी के सवालों का जवाब देते हुए बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी की चोट एक सियासी पाखंड थी. हमारी पार्टी के नेताओं ने उनसे सहानुभूती जताई, अच्छा किया. लेकिन मैं आज भी कहता हूं कि वो सिर्फ सियासी पाखंड था.

इस कॉन्क्लेव में न्यूज 24 की ओर से संदीप चौधरी ने अधीर रंजन चौधरी से कई बेबाक सवाल किए. जानिए अधीर रंजन चौधरी ने सारे सवालों पर अपनी क्या राय दी. यहां पेश हैं इस चर्चा के कुछ संपादित अंश-

संदीप चौधरी ममता बनर्जी के पैर में चोट लगी, उन्होंने व्हील चेयर पर प्लास्टर के साथ चुनाव के लिए प्रचार-प्रसार कर रही हैं. आप इसे सियासी पाखंड कहते हैं. जबकि कांग्रेस के तमाम बड़े नेता, जैसे पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और मनीष तिवाड़ी और अन्य नेता कहते हैं कि एक महिला पर हमला हुआ है. कांग्रेस में दो फाड़ क्यों?

अधीर रंजन चौधरीअमरिंदर सिंह एक चीफ मिनिस्टर हैं. अशोक गहलोत चीफ मिनिस्टर हैं. हमारी पार्टी के बड़े नेता हैं. दिल्ली में बैठे हैं. उनकी तरफ से शायद लगा कि सहानुभूति दिखानी चाहिए. उन्होंने दिखाई. अच्छा किया. मैंने इसलिए कहा क्योंकि जिस तरह से ममता बनर्जी की तरफ से इस घटना को एक साजिश, उन पर हमला, उनको मारने की कोशिश जैसे तरह-तरह के बयान पहले दिन पेश किए गए, मैंने उन बयानों का विरोध किया था. इसलिए विरोध किया था क्योंकि वो बयान सच्चे नहीं लगे थे.

संदीप चौधरीतो क्या आज भी सियासी पाखंड मान रहे हैं, ममता बनर्जी का?

अधीर रंजन चौधरी: बिल्कुल, इसलिए मान रहे हैं क्योकि उन्होने पहले दिन, पहली रात में कहा था कि साजिश है, हमला है. जबकि उनकी पार्टी के लोग चुनाव आयोग से जाकर शिकायत किए कि ममता बनर्जी की जान लेने के लिए हमला हुआ था. जबकि ममता बनर्जी खुद कह रही हैं कि हादसा हुआ, धक्कामुक्की हुई. एक ही दिन में हादसा, हिम्मत में बदल गया.

संदीप चौधरीआपके मन में ममता बनर्जी के लिए इतनी नफरत क्यों है? मैं इसलिए पूछ रहा क्योंकि टीएमसी और कांग्रेस का डीएनए एक ही है, दोनों साथ भी आ सकते हैं. सोनिया गांधी और ममता बनर्जी में ज्यादा दिक्कत नहीं है. प्रोफेसर सौगत रॉय (TMC के वरिष्ठ नेता) से भी मैंने सवाल पूछा था. उन्होंने भी जवाब दिया कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी में ज्यादा बड़ी दिक्कत नहीं है. लेकिन दिक्कत अधीर बाबू हैं बीच में. क्या बेस्ट बंगाल और सेंटर कांग्रेस, आर दे ऑन द सेम पेज, 

अधीर रंजन चौधरी: हमारे दिल्ली के नेता सही कह रहे हैं. उन्हें अपनी जगह ऐसे बयान पेश करना जरूरी है. लेकिन हम कहते हैं कोई नफरत नहीं. आपको शायद जानकारी नहीं, जिस दिन ममता बनर्जी ने विक्टोरिया मेमोरियल में नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर साझा किया था, उस दिन बीजेपी की तरफ से उस समारोह में जय श्री राम के नारे लगे थे. ममता बनर्जी रूठकर मंच से चली आई थीं.

सबसे पहले मैंने इस विषय को सामने रखकर विरोध जताया था. मैंने कहा कि हमारे राज्य की मुख्यमंत्री, वो भी एक महिला, उनके साथ ऐसी बदसलूकी, दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए. उनकी पार्टी के लोग कहते, उससे पहले मैंने ये मुद्दा कह दिया. तो लोग घबरा गए. मैं हां को हां और ना को ना कहता हूं. ये नफरत नहीं है, मैं सच्चाई को सामने रखना चाहता हूं.

यहां देखें इस बातचीत का पूरा वीडियो:

 



न्यूज़24 हिन्दी