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RTI Act के तहत सीपी ऑफिस में जनता को दी गयी सटीक जानकारी: DCP अर्पित जैन

RTI Act के तहत सीपी ऑफिस में जनता को दी गयी सटीक जानकारी: DCP अर्पित जैन


फरीदाबाद, 31 दिसंबर: पुलिस आयुक्त फरीदाबाद ओ॰पी॰ सिंह के नेतृत्व में आर॰टी॰आई॰ एक्ट के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निपटारे के लिए नियुक्त डॉ अर्पित जैन प्रथम अपील अधिकारी एवं पुलिस उपायुक्त मुख्यालय फरीदाबाद व आदर्षदीप जन सूचना अधिकारी एवं सहायक पुलिस आयुक्त मुख्यालय फरीदाबाद व इनकी टीम के द्वारा गत वर्ष 2020 में आर॰टी॰आई॰ एक्ट के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के एवज में दी गई जानकारी से लगभग 99.4 प्रतिशत आवेदक मुख्यालय स्तर पर ही संतुष्ट हुए हैं जबकि लगभग 0.6 प्रतिषत आवेदक राज्य सूचना आयोग हरियाणा तक गए. 

परंतु वहाँ से भी उन्हें कोई विषेष राहत नहीं मिली क्योंकि उनके अधिकार में निहित सूचनाएँ आवेदन या प्रथम अपील अधिकारी के स्तर पर ही उपलब्ध करवाई जा चुकी थीं. ये अधिकारियों का अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पण भाव और एक अति उत्कृष्ट कार्य प्रणाली का द्योतक होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी है, क्योकि कुछ आवेदक अपने अलग दृष्टिकोण और स्वार्थसिद्धि हेतु इस कार्य को जटिल से जटिलतर बनाने में ही लगे रहते हैं.

आवेदकों का वर्गीकरण – अधिकतर आवेदक किसी शिकायत या मुकदमें में शिकायतकर्ता, आरोपी या इनके वकील होते हैं और ये मामले में की गई कार्यवाही से जुड़ी सूचना की मांग करते हैं तथा जल्दी संतुष्ट हो जाते हैं. इसके अतिरिक्त कुछ आवेदक किसी विशिष्ठ उद्देष्य से सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी सूचनाओं की मांग करते और ये दी गई जानकारी से बड़ी देर में संतुष्ट होते हैं. जबकि कुछ आवेदक सरकारी तंत्र और सरकारी कार्य से संबद्ध सूचनाओं की मांग करते हैं. ये आवेदक राज्य सूचना आयोग तक जाकर ही संतुष्ट होते हैं, भले ही उन्हने वहाँ से कोई विषेश राहत प्राप्त न हो. 

चुनौतियाँ – आवेदन प्राप्त होते ही आवेदन शुल्क व आवेदन की रसीद जारी करना रजिस्टर में आवेदन का इंद्राज करना उसका अध्ययन जानकारी के स्रोत का पता लगाना अगर अपेक्षित सूचना का संबंध एक से अधिक शाखा या कार्यालयों से हो तो उसकी उतनी ही प्रतियाँ तैयार करके संबंधित को भेजना समय पर सूचना प्राप्त न होने पर स्मरण पत्र देना सूचना प्राप्त होने पर अतिरिक्त शुल्क के लिए आवेदक को लिखना, प्राप्त सूचना को समेकित कर उसमें से कार्यालय प्रति तैयार करना और जन सूचना अधिकारी की ओर से कवरिंग लेटर के साथ लिफाफा तैयार करके तयशुदा समय सीमा के अंदर अधिकतर मामलों में डाकघर में व्यक्तिगत तौर पर जाकर पोस्ट करना आदि एक आवेदन के निपटारे की बड़ी लंबी जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है और अगर आवेदक संतुष्ट नहीं हुआ तो आवेदन के निपटारे का यह एक तिहाई सफर ही है. इसके बाद अगर उसके द्वारा प्रथम व द्वितीय अपील दायर की गई तो यह दो तिहाई सफर अगल है, जिसमें अलग प्रकार की भागदौड़ शामिल है. 

उपलब्धि का रहस्य – ‘दिए गए दायित्वों के प्रति ईमानदारी और समर्पण भाव से कार्य करना ही सफलता का मूल मंत्र है श्री ओ॰पी॰ सिंह पुलिस आयुक्त फरीदाबाद द्वारा दिए गए इस मंत्र का अनुसरण करते हुए उपरोक्त टीम द्वारा यह मुकाम हासिल किया गया है. इसके तहत टीम के सभी अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा आर॰टी॰आई॰ से जुड़े नियम व कानूनों से अपडेट रह कर नागरिकों के अधिकार में निहित और अपेक्षित जानकारी नियम के अनुसार उपलब्ध करवाई जा रही हैं. यही कारण है कि वर्ष 2020 के दौरान इस अधिनियम के तहत आवेदन करने वाले लगभग 3200 आवेदकों में से केवल 22 आवेदक राज्य सूचना आयोग हरियाणा तक गए और वहाँ से भी उन्हें अगल से कोई विषेष राहत प्राप्त नहीं हुई क्योंकि उनके अधिकार के दायरे में निहित सूचना उनको पहले ही उनको उपलब्ध करवा दी गई थीं. श्री सिंह द्वारा अपनी इस टीम को इस उपलब्धि के लिए प्रोत्साहित किया गया.

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हरियाणा न्यूज़

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