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Toolkit Case : पटियाला कोर्ट ने दिशा रवि को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

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नई दिल्‍ली: टूलकिट मामले को लेकर दिल्‍ली पुलिस ने दिशा रवि को पटियाला कोर्ट में पेश किया गया, जहां पर उसकी 5 दिन की रिमांड मांगी है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह दिशा रवि को आरोपी निकिता और शांतनु के साथ बिठाकर कांफ्रेंट करवाना है. जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस और दिशा रवि दोनों की दलील सुनने के बाद दिशा रवि को एक दिन रिमांड में भेजने का फैसला सुनाया.

दिल्‍ली पुलिस की दलील

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दिशा रवि ने अपने ऊपर लगाए गए सारे आरोपों को निकिता और शांतनु पर शिफ्ट कर दिया है. पुलिस ने आरोपी निकिता को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसने जांच को ज्वाइन नहीं किया. पुलिस ने कहा कि उसे दिशा रवि के साथ दोनों आरोपियों को बैठाकर इतनी बड़ी साजिश का पता लगाना है.

कोर्ट ने दिल्‍ली पुलिस ने कहा, ”टूलकिट पर कई तरह के हाइपर लिंक दिए गए, जो किसी दूसरे पेज पर ले जा रहे है. 11 जनवरी को यह पूरी कहानी शुरू होती हैं. मो धालीवाल जो पोयटिक जस्टिस का फॉउंडर है, वह खलिस्तान का समर्थक है. इस मामले दिशा रवि को छोड़कर सभी को प्रोटक्शन मिला हुआ. हमारे पास तीनों आरोपियों को एक-साथ बिठाकर पूछताछ करने के सिवा हमारे पास कोई चारा नही है.” पुलिस ने कहा कि टूलकिट पर जो हाइपर लिंक है, वह सभी भारत के खिलाफ बड़ी साजिश को दर्शाते हैं. इससे ज्यादा हम पब्लिक डोमेन में ज्यादा नहीं बोलेंगे.

दिशा रवि के वकील की दलील

पुलिस की दलील के बाद दिशा रवि के वकील ने कहा, ”पहले निकिता और शांतनु दिल्ली पुलिस के पास नहीं थे. लेकिन अब ऐसा नया क्या है, जोकि आज न्‍यायिक हिरासत का नियम बदलकर फिर पुलिस कस्टडी की मांग की जा रही है.” वकील ने कहा कि दिल्‍ली पुलिस इन दोनों के साथ न्‍यायिक हिरासत में भी पूछताछ क्यों नहीं कर सकती है. पुलिस के पास यह अधिकार है. मैंने तो कभी इसका विरोध नहीं किया. कल जमानत पर फैसला आने वाला है.”

दिशा रवि के वकील ने दिल्ली पुलिस के 5 दिन के रिमांड का विरोध किया और रिमांड के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को पढ़ा. वकील ने कहा, ”दिल्ली पुलिस ने अपने रिमांड पेपर में कहा है निकिता और शांतनु के साथ दिशा रवि के साथ बिठाकर पूछताछ करवाना बेहद जरूरी है. क्या दिल्ली पुलिस को इंतजार था कि जब निकिता और शांतनु जांच के लिए आएंगे तो फिर कोर्ट से दिशा रवि पुलिस कस्टडी ले लेंगे. इसका मतलब आपको पहले से यह पता था कि आपको पुलिस कस्टडी मिल जाएगी.  5 दिन में पुलिस की कस्टडी में थी, तब इन्होंने क्या किया. मुझे एक बार भी बैगलोर लेकर नहीं गए. जहां दिल्ली पुलिस यह कह रही है कि क्राइम हुआ है.”

पुलिस ने कहा, हो सकता है दिशा को फायदा

वकील की दलील के बाद पुलिस ने कहा कि अपराधी कस्टडी को सजा की तरह ही क्यों लेता है. हो सकता है कि इस पुलिस कस्टडी में दिशा रवि का ही कुछ फायदा हो जाये. पता नही लोग पुलिस कस्टडी का विरोध क्यों करते है. दिशा रवि ही केवल इस केस की हिस्सा नहीं है, इनके साथ उन तमाम लोगों तक पहुंचना है, जिन लोगों ने भारत के खिलाफ साजिश रचने की कोशिश की.



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