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30 की उम्र में 60 अपराध: फिल्मी स्टाइल में थाने से फरार हुआ 5 लाख का मोस्ट वॉन्टेड पपला इस तरह हुआ गिरफ्तार

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के जे श्रीवत्सन, जयपुर: एक ऐसा अपराधी जिसकी उम्र जितने साल की थी, उससे दोगुने उसके खिलाफ अलग अलग पुलिस थानों में दर्ज मामले. पुलिस को चकमा देकर भागना उसकी फितरत थी. हमेशा AK 47 और अत्याधुनिक हथियारों की सुरक्षा में चलने वाला, डकैती , हत्या मानो उसके बाएं हाथ का खेल था. अपने अपराधिक कारनामों को ये सोशल मीडिया पर कुछ इस तरह से प्रचारित करने का आदी था कि इसके फेसबुक के फैंस की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही थी. 

राजस्थान और हरियाणा पुलिस के सबसे ज्यादा परेशानी का सबब बना यह मोस्ट वांटेड अपराधी आखिरकार राजस्थान पुलिस की गिरफ्तार में आ ही गया. हम बात कर रहे हैं हरियाणा के टॉप 5 अपराधियों में शुमार मोस्ट वांटेड विक्रम उर्फ पपला गुज्जर की, जो कि अब राजस्थान पुलिस की गिरफ्त में है. 

पपला वही शख्स है जो न केवल राजस्थान, बल्कि हरियाणा पुलिस के लिए भी सालों से चुनौती बना हुआ था, ऐसा नहीं है कि इसे पकड़ा नहीं गया. एक नहीं दो-दो बार पुलिस की गिरफ्त में आया भी, लेकिन शातिर इतना कि दिन दहाड़े ही इसके साथी पुलिस थानों तक में घुसकर फिल्मी स्टाइल में दनादन गोलियां बरसाते और इसे भगाकर ले जाते. 

लाखों रूपये का यही इनामी गेंगस्टर विक्रम उर्फ़ पपला गुज्जर आज राजस्थान पुलिस की गिरफ्तर में आ गया है. उसे महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है. पपला का नेटवर्क हरियाणा-राजस्थान की सीमा से सटे इलाकों, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में फैला था. वसूली, किडनैपिंग और डकैती के भी आरोप हैं इस मोस्ट वांटेड गेंगस्टर पर एक कोंस्टेबल सहित 5 लोगों की हत्या का आरोप है, जबकि अनगिनत डकैती के मामले है. 

डीजीपी , राजस्थान एम.एल.लाठर का कहना है कि सितम्बर 2019 में उसे हमारी पुलिस ने पकड़ा था लेकिन पहचान नहीं पाए. इसी का फायदा उठाते हुए उसने अपने साथियों को बुला लिया और थाने पर हमला कर उसे भगा ले गए. अलग अलग जगह राजस्थान पुलिस ने उसके लिए दबिश देनी शुरू की और कोल्हापुर में उसे 27-28 जनवरी की रात को गिरफ्तार कर लिया गया. वह वहां नाम बदल कर रह रहा था. उसने आधार कार्ड भी फर्जी नाम से बनवा लिया था. 

गैंगस्टर पपला का आतंक किस कदर रहा होगा इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय का नारा देने वाली राजस्थान पुलिस खुद अपने ही थाने में महफूज नजर नहीं आई और जब पपला के साथियों ने थाने में ताबड़तोड़ फायरिंग की तो वह उसका जवाब देने की बजाय खुद इधर-उधर डर के मारे छिपी रही. 

अलवर के बहरोड़ थाने में भी 5 सितम्बर 2019 को हुई एक घटना इसी की गवाह भी है. बहरोड़ पुलिस ने अपनी सूचना के आधार पर पपला को गिरफ्तार किया. सुबह 5 बजे के करीब उसकी गिरफ़्तारी हुई और जब थाने लाकर उससे पूछताछ की ही जा रही थी तभी अचानक करीब 20 लोग दनदनाते हुए सुबह 8 बजे थाने में घुसे. पुलिस वाले अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर छिपते रहे और देखते ही देखते एके-47 से 45 राउंड गोलियां बरसाते आये ये गेंगस्टर हवालात में बंद पपला उर्फ़ विक्रम गुज्जर को छुड़ाकर ले गए. 

इस गैंग की हिम्मत ही थी कि फरारी के बाद उनकी एक कार कहीं टकरा गई, तब उन्होंने एक स्कार्पियो भी लूटी. बहरोड़ थाने में लोकअप ब्रेकिंग की उस दहला देने वाली घटना के निशान आज भी देखे जा सकते हैं और इस घटना के बाद 69 पुलिस वालों को लाईन हाज़िर भी कर दिया गया था और विपक्ष ने भी सरकार को घेरकर उसकी परेशानियां बढ़ा दी थीं. 

कहा जाता है कि जब पपला गुज्जर बहरोड़ पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में पकड़ा था तब उसकी गाड़ी से 31 लाख रूपये मिले थे. राजस्थान पुलिस के लिए भी वह मोस्ट वांटेड था, लेकिन उसने इतने शातिर तरीके से उस वक़्त अपना नाम और पता गलत बताया था कि पुलिस भी यह पहचान ही नहीं पायी कि जिसे उन्होंने पकड़ा है वह मोस्ट वांटेड पपला गुज्जर ही था. जब थाने में उसके साथी दनदनाते हुए गोलियां बरसाकर उसे भगा ले गए तभी पुलिस वालों को भी समझ में आया कि उन्होंने उसे कितने हलके में ले लिया. 

 

सांसद , अलवर बाबा बालक नाथ का कहना है कि यह राजस्थान सरकार की नाक का सवाल है. यह प्रदेश की सबसे बड़ी घटना है सरकार को त्याग पत्र दे देना चाहिए इस नाकामी के लिए. मैं कहता हूं कि पुलिस को चूड़ियां पहन लेनी चाही थी, 2 बजे पकड़ लिया गया लेकिन उसके बैकग्राउंड की जानकारी तक नहीं पता कर पाए. बस उन्हें 30 लाख के हिसाब किताब की चिंता थी.  अपराधी इनकी गिरफ्त में आ ही नहीं पाते हैं. 

ऐसा पहली बार नहीं है जब वह पुलिस को चकमा देकर भागा था, इससे पहले भी 5 सितम्बर 2017 को जब उसे गिरफ्तार करके महेंद्रगढ़ की अदालत में पेश किया गया था तो उसके यही गेंगस्टर साथी पुलिस जीप के पास ही गोलियां बरसाते हुए अदालत परिसर से ही 7 पुलिस वालों को घायल कर उसे भगाने में कामयाब हो गए थे.उसकी गिरफ़्तारी की कहानी भी उसके द्वारा अपराधों को अंजाम दिए जाने वाली कहानियों की तरह ही हैं. 

किसी तरह वह करीब दो महीने से बचते बचाते हुए महाराष्ट्र के कोल्हापुर पहुंच गया था. जहां उसने अपनी एक महिला मित्र जिया उर्फ़ सहर के घर पनाह ले ली थी, जिया ना केवल जिम संचालक थी, बल्कि उसके हर अपराध की राजदार भी थी. यहां तक कि जिया के सहयोग से ही उसने उदल सिंह के नाम से अपना नकली आधार कार्ड भी बनवा लिया था. जब राजस्थान पुलिस अपने सुराग के आधार पर उसका पता लगाने गई तो देखा कि वह वहां इसी मकान की तीसरी मंजिल पर रुका हुआ था और पुलिस को देखते ही वह इस मकान की तीसरी मंजिल से ही कूदकर भागने लगा लेकिन पहले मुस्तैद कमांडो टीम ने उसे दबोच ही लिया. 

अपने आपराधिक कारनामों के चलते महज 30 साल का पपला उर्फ़ विक्रम गुज्जर हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था. उसे पकड़ने में नाकाम रही हरियाणा पुलिस ने उसे ज़िंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए जहां उस पर रखे इनाम की राशि को 50 हज़ार से बढाते-बढाते बीते 30 दिसंबर को ही 5 लाख रूपये कर दिया था, वहीं राजस्थान पुलिस के रिकॉर्ड में भी वह 1 लाख का इनामी बदमाश है, लेकिन सवाल यह भी है की जब पुलिस ने कोल्हापुर में दबिश दी तो ए.के.-47 के साये में अब तक सुरक्षित रहने वाले इस गेंगस्टर के पास से एक तमंचा तक नहीं मिला. 

एम एल लाठर, का कहना है कि रात को हमने पूरी रणनीति के साथ उसे ललकारा. यह सही है की जान बचाने के लिए वह तीसरे मंजिल से कूदने की कोशिश करने लगा, लेकिन हमारे कमांडो पूरी तरह तैयार थे ताकि भाग ना सके. पूरी रणनीति के साथ हमने इस कार्यवाही को इस बार अंजाम दिया, उसके पास से कोई हथियार भी उससे जब्त नहीं हुआ.  

विक्रम उर्फ़ पपला गुज्जर के पहलवार से मोस्ट वांटेड गेंगस्टर बन्ने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है. पपला उर्फ विक्रम गुर्जर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में खैरोली गांव का रहने वाला है. वह पहलवानी का शौक रखता था. इस बीच करीब पांच साल पहले रंजिश में उनके गुरू शक्ति गुर्जर उर्फ दुधिया निवासी खैरोली की कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी. तभी से पपला और उसके साथी वीरेंद्र ने अपने गुरू शक्ति गुर्जर की हत्या का बदला लेने की कसम खाई. 

तब पपला ने जुर्म की दुनियां में कदम रख दिया. सबसे पहले पपला व उसकी गैंग ने उसी के गांव के संदीप उर्फ फौजी, संदीप फौजी की मां बिमला, मामा महेश वासी बिहारीपुर व उसके नाना श्रीराम की हत्या कर दी. हत्या के मुकदमे महेंद्रगढ़ व नारनौल थाने में दर्ज हुए. इसके पहले भी वर्ष 2010 व 2014 में पपला के खिलाफ गवाहों को मारपीट व धमकाने के मुकदमे भी दर्ज हुए. 

पपला को नारनौल की सीआइए टीम ने 12 फरवरी 2016 को उसके गांव के पास से अवैध हथियारों के साथ सबसे पहले गिरफ्तार किया था. गुरू की मौत का बदला लेने के लिए की गई चार हत्याओं के आरोप में नसीबपुर जेल में बंद रहा. भारी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच ही उसे जेल से कोर्ट में पेश किया जाता था. लेकिन यहीं से उसे साथी उसे भागकर ले जाने में कामयाब रहे.

पुलिस जहां उसका सुराग लगाने की कोशिश की कर रही थी वहीं यह मोस्ट वांटेड हर बार एक नए अपराध को अंजाम देने के बाद और हर बार जेल से भागने के बाद पपला फिर से लगातार फेसबुक पर ऐक्टिव हो जाता था. अपनी और गिरोह की तस्वीरें पोस्ट करता रहता था. कई पोस्ट्स में हथियारों के साथ तस्वीरें डाली डालकर लोगों के बीच अपना डर बनाता रहता. हैरत तो यह है कि भले ही वह मोस्ट वांटेड गेंगस्टर था लेकिन पपला के कई सोशल मीडिया अकाउंट हैं. उसका फेसबुक पर फैन पेज भी हैं. अत्याधुनिक हथियारों के साथ कई बार यू ट्यूब व फेसबुक पर अलग अलग अंदाज में खिंचवाई गई फोटोज को पुलिस हटाती तो उससे कहीं ज्यादा फोटो वह अपलोड कर देता. 

बताया जाता है  कि महज 30 साल से भी कम उम्र का गेंगस्टर पपला गुज्जर एक्शन फिल्में और वेब सीरिज देखने का शौकीन था और उसी कहानी के आधार पर अपने अपराध को भी अंजाम देता था, इसके अलावा सोशल मीडिया पर उसकी संक्रियता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है की हर हफ्ते किसी नए वारदात के साथ वह अपनी हथियारों के साथ तस्वीरें भी अपलोड कर देता. उसी तरह ही हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीर अपलोड करने का जब युवाओं में क्रेज बढ़ने लगा तो राजस्थान पुलिस को ऐसा करने पर ही प्रतिबन्ध लगाना पड़ा. 

बहरहाल अब यह पपला गुज्जर पुलिस की गिरफ्त में हैं, और उसके नेटवर्क का पता लगाने के साथ साथ अब उसे सुरक्षित तरीके से जेल में रखना भी राजस्थान पुलिस के लिए एक बड़ी चुनोती है, क्योंकि राजस्थान पुलिस खुद भी जानती है कि पपला की गिरफ़्तारी के बाद उसका आधुनिक हथियारों वाला गेंग एक बार फिर से उसे किसी तरह से छुड़ाने के लिए सक्रिय हो गया है.  हालांकि दावों की बात करें तो राहत की बात यह है की पपला के अपराध जगत के 30 साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है एसे में अब उसके साथ बहुत बड़ी गेंग भी नहीं है. 



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