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LoC पर टेंशन हाई, पाकिस्तान ने रीत निभाई

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देवेश मुखर्जी, नई दिल्ली : आज के वक्त में दुनिया में पाकिस्तान ऐसा मुल्क है जिस पर भरोसा करना किसी भी देश के लिए सबसे बड़ी भूल होगी. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इसी पाकिस्तान के साथ भारत का एक ऐसा समझौता है, जिसमें दोनों देश अपने परमाणु ठिकानों की जानकारी एक-दूसरे से साझा करते हैं. दो जानी दुश्मन देशों के बीच ऐसे समझौते के बारे में सुनकर हर कोई चौंक जाएगा, लेकिन ये सच है.   इसी समझौते के तहत पाकिस्तान और भारत ने अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची एक-दूसरे को सौंपी है.

दरअसल दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय समझौते के तहत हर साल ऐसा किया जाता है. भारत-पाकिस्तान के बीच इस समझौते पर 31 दिसंबर 1988 को हस्ताक्षर किये गये थे. इस समझौते का उद्देश्य एक-दूसरे के परमाणु संस्थानों पर हमले करने से रोकना है. भारत-पाकिस्तान के बीच समझौते में ये प्रावधान है कि दोनों देश हर साल एक जनवरी को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों और संस्थानों के बारे में एक दूसरे को जानकारी देंगे.

9 लोकेशनों पर हैं पाकिस्तान का घातक जखीरा

पाकिस्तान अच्छी तरह जानता है कि भारत से सीधे मुकाबले की उसकी ना तो हैसियत है और ना ही हालत. यही वजह है कि भारत के साथ तनाव में पाकिस्तान अक्सर परमाणु हमले की धमकी देता रहता है. आजतक का रिकॉर्ड है कि पाकिस्तान ने अपने सीक्रेट परमाणु ठिकानों की जानकारी किसी से साझा नहीं की है. लेकिन हिंदुस्तान की सेटेलाइट से पाकिस्तान का कोई राज़ नहीं छिपा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2019 में भारत ने पाकिस्तान के 9 अहम ठिकानों को लोकेट किया था जहां पर पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने होने की आशंका जाहिर कि गई थी. इस बारे में आई एक रिपोर्ट ने ये 9 जगहें चिह्नित करते हुए कहा था कि यहां पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का संरक्षण सबसे ज़्यादा मुमकिन है.

1. सिंध स्थित अकरो में अंडरग्राउंड स्टोरेज

2. पंजाब प्रांत के गुजरांवाला में रिमोट डिपो से जुड़ा स्टोरेज

3. सिंध स्थित कराची के मसरूर एयरबेस/डिपो में परमाणु बमों का स्टोरेज

4. बलूचिस्तान स्थित खुज़दार में अंडरग्राउंड स्टोरेज

5. पंजाब स्थित फतेहगंज में नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स में वॉरहेड स्टोरेज और एसएसएम लॉंचर संग्रहण

6. सिंध स्थित पानो अकील में रिमोट डिपो से जुड़ा स्टोरेज

7. खैबर पख्तूनख्वा स्थित तारबेला में वॉरहेड का अंडरग्राउंड डिपो

8. पंजाब स्थित सरगोढ़ा डिपो, जो सरगोढ़ा एयरबेस के पास है, यहां एफ16 के लिए बमों का स्टोरेज

9. पंजाब के ही वाह ऑर्डिनेन्स फैसिलिटी में वॉरहेड निर्माण, असेम्बलिंग सेंटर होने की बात सामने आ चुकी है

पाकिस्तान पर भारी हिंदुस्तान की ताकत

भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु हथियारों से संपन्न देश हैं. दोनों देशों को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल और उसके बाद महाविनाश का अंदाजा है. लेकिन तमाम नुकसान के बाद भी पाकिस्तान अपनी साजिशों से बाज नहीं आएगा ये दुनिया जानती है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट के मुताबिक पाकिस्तान के पास 140 से 150 परमाणु बम हैं. जबकि भारत के पास 130-140 परमाणु बम हैं. भारत के पास तीनों मोर्चों से परमाणु हमला लड़ने की क्षमता है यानी भारत जमीन, आसमान और समुद्र तीनों में परमाणु युद्ध लड़ने में सक्षम है. 2018 में भारत की परमाणु शक्ति संपन्न पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत भी सेना में शामिल हो गई है. भारत की जमीन से मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 की रेंज 3000 किमी है. लेकिन पाकिस्तान के पास तो समंदर से लड़ने की ताकत है और ना ही पाकिस्तान लॉन्ग रेंज मिसाइलों की ताकत रखता है.

 



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