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Sidhi Bus Accident: आखिर कैसे हुआ दर्दनाक हादसा, ड्राइवर ने क्यों पकड़ा नहर का रास्ता, जानें

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सीधी. बस दुर्घटना में मरने वालों में युवाओं के शव ज्यादा होने ओर बस में 54 यात्रियों के भरे होने से लोगों का माथा ठनका. पता करने पर जानकारी सामने आई कि रोजाना सुबह सीधी से सतना जाने वाली बसों में अमूमन बहुत कम ही यात्री होते हैं और बस सीधे नेशनल हाईवे-39 स्थित छुहिया घाटी की ओर से ही जाती है. 

वहीं मंगलवार को बस में 54 यात्री थे और उसने अपना रास्ता भी बदल लिया था. पूछताछ में सामने आया कि बस में Railway और NTPC की परीक्षा देने वाले बहुत ज्यादा युवा था. चूंकि मंगलवार को रेलवे और एनटीपीसी की परीक्षा थी और सेंटर समना व रीवा भी था. ये युवा वहीं एग्जाम देने जा रहे थे. नेशनल हाईवे-39 स्थित छुहिया घाटी में बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण जाम के हालात रोज रहते हैं. ड्राइवर को लगा कि कहीं जाम में फंसने से युवाओं का एग्जाम न छूट जाए. ऐसे में उसने दूसरा रास्ता लिया जो बेहद खतरनाक साबित हुआ. इस रास्ते में रामपुर के नैकिन इलाके में पड़ने वाली बाणसागर नहर 42 लोगों को निगल गई. 7 लोगों को बचाया जा चुका है. 5 लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है. मरने वालों में बच्चे भी हैं. 

दर्दनाक दृश्य: MP bus accident में बाणसागर के किनारे 42 शवों को देखकर लोगों की आंखें छलछला गईं. परिजनों का रोदन सुनकर लोगों की रूह कांप गई. जो बच गए उनके परिजनों का शव बाहर आया. कुछ के परिजनों के शव अभी तक नहीं मिले हैं. मरने वालों में मासूम भी हैं. जब उनके शव निकले तो सभी रो पड़े. 

PM मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को दिए 2-2 लाख रुपए:

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है. वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है. घटना के बाद मध्यप्रदेश सरकार की होने वाली कैबिनेट बैठक स्थगित हो गई है. जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल भोपाल से हेलीकाप्टर से रीवा पहुंचे और यहां से घटनास्थल गए.



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