पूरी तरह से भारतीय तकनीक से बना मोबाइल एप ‘मिस्ट’ लांच, संजय सिंह बोले- कोरोना काल में सोशल मीडिया ने किया बेहतर काम

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कुंदन सिंह, नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर सिर्फ साकारात्कम चीजें ही नहीं चलती है बल्कि नाकारात्मक चीजें भी चलती है और वह कभी कभी उसका असर बहुत बुरा होता है. कोरोना काल में सोशल मीडिया ने बेहरत काम किया है और इससे लोगों को बहुत बड़ी मदद भी मिली है. लेकिन वहीं दूसरी ओर इसका नाकारात्मक पक्ष भी देखने को मिला है. जहां एक गलत खबर के बायरल होने की वजह से चीजें किस कदर बिगड जाती है. 

इतना ही नहीं कई बार सोशल मीडिया मेन स्ट्रीम मीडिया की खबरों को खंडन भी करता है. इसलिए जरूरी है कि ‘मिस्ट’ एप अपने प्लेटफार्म से नाकारात्मक चीजों को स्प्रेड न होने दे. यह बात आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने यहां आयोजित एक सामारोह में पूरी तरह से भारतीय मोबाइल एप ‘मिस्ट’ की लांजिंग के मौके पर कही. 

कार्यक्रम में इस एप को बनाने वाले वेस्टन ग्रप के निदेशक और मेस्ट 4 भारत के फाउंडर युवा क्षितिज सिंह, सीएमडी राजबीर सिंह, सीईओ अनिल झा, डायरेक्टर ऑपरेशन सुनील झा आदि मौजूद थे. 

इस मौके पर क्षितिज सिंह ने कहा कि कोरोना काल में जब डाटा की सुरक्षा को लेकर 24 जून को सरकार ने ‘टिकटॉक’ को बंद कर दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं से भारतीय एप डब्लप करने की अपील की तो उसके बाद उन्होंने मिस्ट एप के बनाने के बारे में सोचा और फिर 1 महीने की मेहनत के बाद पूरी तरह से भारतीय एप ‘मिस्ट’ डिजाइन हुआ. 

साथ ही उन्होंने दावा किया कि यह एप भारतीय कानून के अनुसार बना हुआ है और इसका डेटा पूरी सरह से सुरक्षित है. क्षितिज ने कहा कि भारतीय कम में ज्यादा चाहते है जो मिस्ट पूरा करता है. उन्होंने कहा कि अभी तक हमारा देश खरीदार था पर अब मिस्ट के बाद वह दूसरे देशों को बेचने की स्थिति में होगा. 

राजबीर सिंह ने कहा कि यह एक मोदी जी के सपने को साकार करने वाला है, क्योंकि उन्होंने ही युवाओं से देशी एप बनाने की अपील की थी. उन्होंने बताया कि अन्य एप जहां 35 एमबी जगह घेरता है तो मिस्ट एप सिर्फ 5 एमबी जगह ही घेरता है. इसकी वजह से मोबाइल हैंग नहीं होता है. सुरक्षा के मामले में भी यह पूरी तरह से सुरक्षित है. 

अन्य सोशल साइटों या एप पर किसी वीडियो को डिलीट कर दिया जाता है फिर भी वह सर्वर में रहता है, लेकिन इस एप में ऐसा नहीं है. मिस्ट को सबसे स्लो इंटनेट पर चलने के लिए बनाया है. इससे यह फायदा होगा कि ग्रामीण इलाकों में जहाँ इंटरनेट बहुत स्लो चलता है. एेसी स्थिति में भी मिस्ट काम करेगा. सुनील झा ने कहा कि हम इसे पूरी तरह से भारतीय एप कह सकते है



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