राघव चड्ढा का बड़ा ऐलान, कहा- पंजाब में बनेगी ‘आप’ की सरकार

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चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी पंजाब के सह-प्रभारी राघव चड्ढा ने एबीपी सी-वोटर सर्वे द्वारा किए गए सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब की जनता ने 2022 के चुनाव में आप की सरकार बनाने का मन बना लिया है. पार्टी पंजाब के लोगों की पहली पसंद है. लोग परिवर्तन की आंखों से आप को देखते हैं. पार्टी मुख्यालय से जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सर्वे एजेंसी द्वारा किए गए सर्वेक्षण ने साबित कर दिया है कि पंजाब के लोग कैप्टन अमरिंदर सिंह की जन-विरोधी नीतियों से तंग आ चुके हैं.

सी-वोटर सर्वे के अनुसार आम आदमी पार्टी को 51 से 57 सीटें मिलने की संभावना बताई गई है. जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस को 43 से 49 सीटें, अकाली दल को 12-18 सीटें, बीजेपी को 0-5 और अन्य को 0-3 सीटें दी गई हैं. वोट शेयर के मामले में भी आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा 37 फीसदी वोट मिलने की संभावना है. वहीं सत्ताधारी कांग्रेस को 32 फीसदी, अकाली दल को 21 फीसदी और बीजेपी को 5-5 फीसदी वोट मिलने की संभावना है.

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब आम आदमी पार्टी को एक ऐसी पार्टी के रूप में देखते हैं जो पंजाब को प्रगति के रास्ते पर ले जा सकती है. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 के चुनावों से पहले पंजाब में ड्रग्स, रेत माफिया, परिवहन माफिया और अन्य सभी प्रकार के माफियाओं को खत्म करने का वादा किया था. 

उन्होंने घर-घर रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद वे अपने सारे वादे भुल गए. जब से कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने हैं, पंजाब के कर्मचारी अपनी मांगों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलना चाहते है, लेकिन आज तक कैप्टन ने अपने कर्मचारियों से मुलाकात नहीं की. उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब सरकार चलाने का काम अनुबंध पर एक अधिकारी को दिया है और कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद शाही फार्महाउस में बैठे रहते हैं.

 अनुबंध के आधार पर सरकार चलाने वाले अधिकारी कैप्टन अमरिंदर के आदेश पर दिन प्रतिदिन जनविरोधी नीतियों का अनुसरण कर रहे हैं. आज कैप्टन सरकार पंजाब में अकालियों द्वारा शुरू किए गए सभी प्रकार के माफियाओं को बढ़ावा दे रही है.उन्होंने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि अकाली दल वह पार्टी बन गई है जिससे पंजाब के लोग सबसे ज्यादा नफरत करते हैं. लोग अकाली दल का नाम नहीं लेना चाहते हैं.

अकाली दल के समर्थन के कारण ही पंजाब सहित देश के किसान परेशानी में पड़े हुए हैं. अकाली दल ने सिर्फ अपने फायदे के लिए काम किया. आज अकाली दल और कांग्रेस पार्टी की जन-विरोधी नीतियों ने पंजाब के किसानों को बड़े कॉर्पोरेट घरानों को बेचने के लिए दांव पर लगा दिया. पंजाब के किसान केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए काले कृषि कानूनों को मौत का वारंट बता रहे हैं, लेकिन अकाली और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने डेथ वारंट पर हस्ताक्षर किए. 

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाई पावर कमेटी में काले कानूनों पर सहमति जताई थी जबकि जबकि अकाली दल ने इन काले कानूनों को पारित करने के लिए उसपर हस्ताक्षर किए थे. पंजाब के लोग अकालियों और कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों से तंग आ चुके हैं. पंजाब के लोग 2022 के चुनाव में इन दोनों जनविरोधी पार्टियों को सबक सिखाएंगे. अब पंजाब के लोगों को केवल आम आदमी पार्टी से ही उम्मीदें हैं.

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद पंजाब में भी अरविंद केजरीवाल की सरकार का दिल्ली मॉडल लागू हो जाएगा. आम आदमी पार्टी लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए कड़ी मेहनत करेगी और सरकार बनने के बाद लोगों के लिए काम करेगी.



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