पाकिस्तान की पनाहगाहों ने तालिबान की कामयाबी में बहुत मदद की : अमेरिकी सीनेटर
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पाकिस्तान की पनाहगाहों ने तालिबान की कामयाबी में बहुत मदद की : अमेरिकी सीनेटर


वाशिंगटन, 16 अप्रैल (एजेंसी)
अमेरिका के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान के जड़ें जमाने के पीछे वजह पाकिस्तान में मौजूद उसकी सुरक्षित पनाहगाहें हैं. एक दिन पहले ही वाशिंगटन ने युद्धग्रस्त देश से 11 सितंबर तक अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना की घोषणा की है. ‘सीनेट आर्म्ड सर्विस कमेटी’ के अध्यक्ष जैक रीड ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा, ‘तालिबान के सफल होने में बहुत बड़ा योगदान इस तथ्य का है कि तालिबान को पाकिस्तान में मिल रही सुरक्षित पनाहगाह को खत्म करने में अमेरिका विफल रहा है.’ हाल के एक अध्ययन का हवाला देते हुए रीड ने कहा कि पाकिस्तान में तालिबान की सुरक्षित पनाहगाह होना और इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआई) जैसे संगठनों के जरिए वहां की सरकार से समर्थन मिलना तालिबान के युद्ध को जारी रखने के लिए आवश्यक है और सुरक्षित पनाहगाहों को नष्ट नहीं कर पाने की अमेरिका की विफलता इस युद्ध में वाशिंगटन की सबसे बड़ी गलती है. उन्होंने कहा, ‘जैसा कि अफगान स्टडी समूह (कांग्रेस के निर्देश के तहत कार्यरत) ने कहा कि आतंकवाद के लिए ये पनाहगाह जरूरी हैं. इसके अलावा पाकिस्तान की आईएसआई ने अवसरों का फायदा उठाने के लिए अमेरिका के साथ सहयोग करते हुए तालिबान की मदद की.’ रीड ने कहा कि 2018 के आकलन के अनुसार पाकिस्तान ने प्रत्यक्ष सैन्य और खुफिया सहयोग प्रदान किया जिसके नतीजतन अमेरिकी सैनिक, अफगान सुरक्षा बल के जवान और नागरिक मारे गये तथा अफगानिस्तान में बहुत तबाही हुई.



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