अब घर में भी मास्क लगाने का वक्त
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अब घर में भी मास्क लगाने का वक्त


नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (एजेंसी)

देश कोरोना की दूसरी लहर के बीच सरकार ने कहा है कि लोगों में अनावश्यक अफरातफरी से लाभ के बजाय नुकसान हो रहा है. टीकाकरण और कोरोना से बचाव के उपायों पर जोर देते हुए सरकार ने सलाह दी है कि यह ऐसा समय है कि लोगों को घर के भीतर भी मास्क पहनना चाहिए. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा, ‘यदि परिवार में कोरोना संक्रमण का केस है तो यह बहुत जरूरी है कि संक्रमित व्यक्ति घर में भी मास्क पहन कर रहे. मैं तो यहां तक कहूंगा कि यदि कोई संक्रमित न हो, तब भी हमें घर में मास्क पहनना शुरू कर देना चाहिये.’

सरकार ने कहा कि महिलाएं माहवारी के समय भी टीका लगवा सकती हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कई लोग डर से अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं. उन्होंने जोर दिया कि डॉक्टरों की सलाह पर ही अस्पताल में भर्ती होना चाहिए.

30 दिन में 406 को संक्रमित कर सकता है एक व्यक्ति : सरकार ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति सामाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं करे तो वह 30 दिन में 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है. अगर संक्रमित व्यक्ति की गतिविधि 50 प्रतिशत तक थम जाए तो केवल 15 लोग संक्रमित होंगे. वहीं गतिविधि 75 प्रतिशत तक घटने पर वह 2.5 लोगों को संक्रमित कर सकता है.

देश में पर्याप्त ऑक्सीजन, मुद्दा ढुलाई का है : गृह मंत्रालय

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि देश में मेडिकल ऑक्सीजन का पर्याप्त भंडार है, लेकिन भारी मांग वाले क्षेत्रों में इनकी आपूर्ति करने का मुद्दा है, जिसका समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है. मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान की मदद से ऑक्सीजन लाने वाले टैंकरों के गंतव्य स्थल तक पहुंचने के समय को 4-5 दिन से घटाकर एक-दो घंटे कर दिया गया है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘हमारे पास ऑक्सीजन का पर्याप्त भंडार है. मुद्दा ढुलाई का है, जिसका समाधान करने का प्रयास हम कर रहे हैं. ऑक्सीजन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, हम उत्पादक राज्यों से भारी मांग वाले इलाकों में ऑक्सीजन की ढुलाई के मुद्दे को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं.’ उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार जीपीएस के माध्यम से ऑक्सीजन लाने वाले टैंकरों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

महामारी के खिलाफ जंग में उतरेंगे सेना के पूर्व चिकित्साकर्मी

पिछले 2 साल में सेवानिवृत्त हुए या समय पूर्व सेवानिवृत्ति ले चुके सशस्त्र बलों के सभी चिकित्साकर्मियों को उनके संबंधित निवास स्थान के आसपास कोरोना केंद्रों में काम करने के लिए बुलाया जा रहा है. चिकित्सा अधिकारियों से भी चिकित्सा आपाकालीन हेल्पलाइन नंबरों के जरिये सलाह देकर सेवाएं देने का अनुरोध किया गया है. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सशस्त्र बलों के विभिन्न प्रतिष्ठानों में उपलब्ध ऑक्सीजन सिलेंडर अस्पतालों को दिए जाएंगे. सरकार के एक बयान के अनुसार पीएम को यह भी बताया गया कि कमान मुख्यालय, कोर मुख्यालय, डिविजन मुख्यालय में तैनात चिकित्साकर्मियों को अस्पतालों में तैनात किया जाएगा. सेना के चिकित्सा ढांचे का जहां तक संभव हो, आम लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

3.52 लाख नये मामले, 2812 की मौत

नयी दिल्ली (एजेंसी) : देश में कोरोना वायरस संक्रमण की भयावह रफ्तार का बढ़ना जारी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार सुबह तक के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 3,52,991 नये मामले सामने आये. इस दौरान 2812 संक्रमितों की मौत हो गयी, जबकि 2,19,272 लोग इस महामारी से मुक्त हुए. महाराष्ट्र से सर्वाधिक 832 लोगों की जान गयी. दिल्ली में 350, उत्तर प्रदेश में 206 ने दम तोड़ा. देश में उपचाराधीन कोरोना मरीजों की संख्या 28 लाख के पार पहुंच गयी है. कोरोना रोगियों के स्वस्थ होने राष्ट्रीय दर गिरकर 82.62 फीसदी रह गयी है. मृत्यु दर भी गिरकर 1.13 फीसदी हो गयी है. देश में कोरोना की चपेट में आ चुके लोगों की कुल संख्या 1.73 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है. इनमें से करीब 1.43 करोड़ लोग ठीक हो चुके हैं. मृतकों की संख्या बढ़कर 1,95,123 हो गयी है.

टीकों के दाम घटाएं कंपनियां

केंद्र सरकार ने सोमवार को सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से कहा कि वे अपने कोराेना टीकों की कीमत कम करें. सरकार ने टीकों के दाम करने के लिए ऐसे समय कहा है जब विभिन्न राज्यों ने आलोचना करते हुए ऐसे बड़े संकट के दौरान मुनाफाखोरी पर आपत्ति जताई है.



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