Close

‘ई-पशु चिकित्सा सेवा’ शुरु, एक क्लिक से होगा पशुपालन से जुड़ी हर बीमारी का ईलाज

अब एक क्लिक पर हो सकेगा पशुपालन से जुड़ी हर बीमारी का निदान

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्राैद्योगिकी मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराई गई ‘ई-पशु चिकित्सा सेवा’ का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ.

रेवाड़ी रोड स्थित पशु चिकित्सा केन्द्र में बने इस डिजिटल सर्विस के सेंटर का रविवार को प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने उद्घाटन किया.

हालांकि इस सेवा की शरुआत मंत्री ने 31 मार्च को ऑनलाइन की थी, लेकिन भवन स्टाफ सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण इसका मूलत: संचालन नहीं शुरू हो पाया था.

अब नए सिरे से उद्घाटन के साथ ही इसमें सभी सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं. इसी के साथ इस सेंटर के शुरू हो जाने से दूर दराज के पशुपालकों को पशुपालन से जुड़ी सभी जानकारी, चिकित्सकीय सलाह आदि का लाभ मिल सकेगा.

यह सेंटर सीधा लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से जुड़ा है, जिसमें पशुओं की बीमारियों से संबंधित हर प्रकार की जानकारी शीघ्र दी जाएगी.

केंद्र के भवन का उद्घाटन करते हुए मंत्री ओमप्रकाश यादव ने कहा कि यह सुविधा पशुपालन में बहुत ही कारगर साबित होगी. भवन का कि इस सेंटर के द्वारा देश के किसी भी कोने में बैठा किसान या पशु पालक अपनी पशुपालन से जुड़ी समस्या दर्ज करा सकते हैं.

जिन क्षेत्रों में जहां हर समय पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती, वहां के पशुपालक पशुओं के अलावा किसी जानकारी इत्यादि के लिए अब अपने घर बैठे या नजदीकी कॉल सेंटर के जरिये विशेषज्ञों से सलाह या इलाज पा सकते हैं.

पशुपालक को इस लिंक पर देनी होगी जानकारी

ई-पशु चिकित्सा का लाभ फिलहाल ऑनलाइन यानी कम्प्यूटर से ही मिल पायेगा.इसके लिए पशु पालकों को अपने कंप्यूटर , सीएससी या नजदीकी साइबर कैफे पर जाकर वेबसाइट लिंक http://epashuchikitsa.csc-services.in पर अपने पशुओं की बीमारियों से संबंधित जानकारियां व अन्य बातें दर्ज करानी होंगी.

जिनका लाला लाजपत राय पशु विश्व विद्यालय एवं चिकित्सा संस्थान के विशेषज्ञ वैज्ञानिक समाधान बताएंगे. फोन व मोबाइल एप जल्द ही शुरू कर दिए जाएंगे. ऑनलाइन के साथ साथ पशुपालक नारनौल रेवाड़ी रोड स्थित इस उप स्वास्थ्य केंद्र में आकर पशुओं में किसी भी प्रकार की बीमारी व उनकी रोकथाम, दवाई व अन्य जानकारी इस सुविधा से ले सकते हैं.

यह होगा लाभ

ई-पशु चिकित्सा सुविधा शुरू हो जाने से पशुपालकों को काफी लाभ होगा. खासकर दूर दराज के ग्रामीण इलाकों में जहाँ पशुओं के इलाज की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है.

उन क्षेत्रों के पशुपालकों को पशुओं की छोटी सी बीमारी के लिए भी दूसरे गांवों या फिर नजदीकी शहरों में जाना पड़ता है. इससे उनका समय तथा पैसा बर्बाद होता है. अब इस प्रकार की छोटी मोटी बीमारियों के लिए इस सेवा पर चिकित्सीय परामर्श ले सकेंगे.

इसके अलावा किसी बड़ी बीमारी के इलाज से पहले विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह मशवरा कर झोलाछाप चिकित्सकों के हाथों लुटने से भी बच सकेंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Leave a comment
scroll to top