Rule Changes: कल 1 सितंबर से बदल जाएंगे ये नियम, जानें क्या पड़ेगा असर

Published On: August 31, 2025
Follow Us
These rules will change from tomorrow, 1 September

Rule Changes from 1 September: जैसे ही सितंबर की शुरुआत होगी, आम आदमी की जिंदगी से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो जाएंगेइनका असर रसोई से लेकर बैंकिंग, निवेश और शॉपिंग तक सीधा दिखाई देगाऐसे में यह जानना जरूरी है कि आप पर इसका क्या असर पड़ने वाला है और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं 1 सितंबर 2025 से लागू होने वाले 5 बड़े बदलाव:

अब चांदी पर भी जरूरी होगी हॉलमार्किंग

अब तक सिर्फ सोने की ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग जरूरी थी, लेकिन 1 सितंबर से चांदी पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य हो जाएगी। इसका मतलब है कि अब बाजार में बिकने वाली सिल्वर ज्वेलरी व अन्य वस्तुएं मानकीकृत और शुद्धता के प्रमाण के साथ ही मिलेंगी।

इससे नकली या मिलावटी चांदी की बिक्री पर लगाम लगेगी। चांदी की कीमतों में कुछ अंतर देखने को मिल सकता हैनिवेश से पहले कीमतों की जांच जरूर करें

SBI क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए नए चार्जेस

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने कार्डधारकों के लिए चार्ज स्ट्रक्चर में बदलाव किया है, जो 1 सितंबर से लागू होगा। ऑटो-डेबिट फेल होने पर 2% पेनल्टी लगेगी। इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन और फ्यूल पर अधिक चार्ज लगेगा। ऑनलाइन शॉपिंग के रिवॉर्ड प्वाइंट्स की वैल्यू घट सकती है।

LPG सिलेंडर की नई कीमतें

हर महीने की तरह 1 सितंबर को LPG सिलेंडर के दाम रिवाइज किए जाएंगे। ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और अन्य लागत पर निर्भर करती हैं। दाम बढ़े तो रसोई का बजट बिगड़ेगा। घटे तो थोड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

ATM से कैश निकालना हो सकता है महंगा

कुछ बैंकों ने एटीएम से पैसे निकालने के नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया है, जो 1 सितंबर से लागू होगा। मुफ्त लिमिट से ज्यादा कैश निकालने पर ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा। बैंक डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा दे रहे हैं।

FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) की ब्याज दरों में बदलाव

सितंबर महीने में कई बैंक FD की ब्याज दरों की समीक्षा करने जा रहे हैं। इस समय अधिकतर बैंक 6.5% से 7.5% ब्याज दे रहे हैं, लेकिन बाजार में संभावनाएं हैं कि दरें घट सकती हैं।

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment