India-Pakistan Water Dispute: सिंधु जल समझौते के बाद घग्गर नदी पर भी उठे सवाल, सिरसा से बहकर पाकिस्तान पहुंचता है पानी

Published On: April 30, 2025
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India-Pakistan Water Dispute

India-Pakistan Water Dispute: भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते को स्थगित किए जाने के बाद अब हरियाणा की घग्गर नदी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सिरसा जिले में स्थित ओटू वियर हेड से निकलने वाला पानी मानसून के दौरान राजस्थान होते हुए पाकिस्तान की सीमा में पहुंचता है। वर्ष 2023 में भी ऐसा हुआ था, जब घग्गर नदी में जलस्तर 60 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था, जबकि ओटू हेड की अधिकतम क्षमता केवल 46 हजार क्यूसेक है।

मानसून के दौरान पाकिस्तान पहुंचता है पानी

हर साल मानसून के मौसम में जब पानी की मात्रा अधिक हो जाती है, तब इसे सिरसा से राजस्थान की ओर छोड़ दिया जाता है। यह पानी राजस्थान के अनूपगढ़ क्षेत्र से होकर सीधे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान में प्रवेश करता है। हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच घग्गर नदी को लेकर कोई औपचारिक जल समझौता नहीं है।

घग्गर नदी: सीमित भंडारण क्षमता, मजबूरी में छोड़ा जाता है पानी

हरियाणा में घग्गर नदी से निकलने वाली माइनर और कनालों की कुल क्षमता मात्र 3500 क्यूसेक है। ऐसे में अधिक पानी आने पर उसे रोका नहीं जा सकता। यही वजह है कि सरकार को अतिरिक्त पानी छोड़ना पड़ता है। सिरसा में ओटू वियर हेड सूखा पड़ा है क्योंकि अभी मानसून सीजन शुरू नहीं हुआ है।

भारत सरकार के रुख के बाद हरियाणा सरकार की रणनीति पर नजर

हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हरियाणा सरकार भी घग्गर नदी के पानी को हरियाणा और राजस्थान में ही रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगी? इस पर राज्य भर की नजरें टिकी हुई हैं।

सामान्य मानसून में कितना आता है पानी

जानकारों के अनुसार सामान्य मानसून के दौरान घग्गर नदी में 200 से 1000 क्यूसेक पानी बहता है। लेकिन जब मानसून अधिक दिन तक रहता है, तो यह मात्रा बढ़कर 30 से 36 हजार क्यूसेक तक पहुंच जाती है। घग्गर अब एक मौसमी नदी बनती जा रही है, जो केवल बारिश के मौसम में ही भरती है।

घग्गर नदी का प्रवाह और कुल दूरी India-Pakistan Water Dispute

घग्गर नदी हिमालय की शिवालिक पहाड़ियों से निकलती है और हरियाणा के पंचकूला, पटियाला, कैथल, टोहाना, रतिया, सरदूलगढ़ होते हुए सिरसा के ओटू हेड तक पहुंचती है। यहां से यह पानी राजस्थान के हनुमानगढ़, पीलीबंगा, सुरतगढ़ और अनूपगढ़ के रास्ते मसूरवाला और बिंजौर गांव के पास पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश करता है। घग्गर की कुल लंबाई 570 किलोमीटर है।

राजस्थान के किसान इसी नदी पर निर्भर

राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे हनुमानगढ़ और अनूपगढ़ के किसान पूरी तरह से इसी नदी के पानी पर निर्भर हैं। इस पानी से वे खेतीबाड़ी करते हैं। हालांकि राजस्थान सरकार पानी के भंडारण की कोशिश करती है, लेकिन भारी वर्षा के दौरान पानी की अधिकता के कारण रोक पाना संभव नहीं होता।

घग्गर पर एग्रीमेंट नहीं, फिर भी जाता है पानी India-Pakistan Water Dispute

अजीत हुड्डा, एक्सईन, घग्गर नदी, सिरसा के अनुसार इस नदी को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच कोई एग्रीमेंट नहीं है। बावजूद इसके हर साल मानसून के समय अतिरिक्त पानी पाकिस्तान की ओर चला जाता है। India-Pakistan Water Dispute


कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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