नक्सलियों ने सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर मन्हास की तसवीर की जारी, कहा-वह हमारे कब्जे में!

नक्सलियों ने सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर मन्हास की तसवीर की जारी, कहा-वह हमारे कब्जे में!


बीजापुर, 7 अप्रैल (एजेंसी)

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में पिछले दिनों हुए नक्सली हमले के बाद लापता एक जवान की तस्वीर बुधवार को कुछ स्थानीय पत्रकारों को मिली है. नक्सलियों द्वारा इसे पत्रकारों तक भेजे जाने का दावा किया जा रहा है. मंगलवार को नक्सलियों ने इस जवान के अपने कब्जे में होने का दावा किया था. राज्य के सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में शनिवार को नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद से लापता सीआरपीएफ के 210 कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास की तसवीर आज क्षेत्र के स्थानीय संवाददाताओं को मिली है. तसवीर में जवान एक झोपड़ी में बैठा हुआ दिख रहा है. तसवीर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई है. सुकमा और बीजापुर जिले के स्थानीय संवाददाताओं ने बताया कि आज सुबह यह तस्वीर उन्हें मिली है. हालांकि तसवीर में किसी भी माओवादी का चेहरा नहीं दिख रहा है. इधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जवान की सुरक्षित वापसी चाहते हैं. मंगलवार को माओवादियों ने जवान राकेश्वर सिंह के अपने कब्जे में होने का दावा किया था. नक्सलियों के कथित बयान में कहा गया था कि सरकार पहले मध्यस्थों के नाम की घोषणा करे, इसके बाद बंदी जवान को सौंप दिया जाएगा और तब तक वह सुरक्षित रहेगा. इस बयान में माओवादियों ने अपने चार साथियों के मारे जाने की भी पुष्टि की थी. माओवादियों के बयान जारी होने के बाद राज्य के पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि पुलिस जारी प्रेस विज्ञप्ति की वास्तविकता की जांच कर रही है. लापता जवान की तसवीर जारी होने को लेकर बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा है कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. उन्होंने पुष्टि की कि तसवीर लापता जवान राकेश्वर सिंह की है. इधर बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों के लिए काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने माओवादियों से अपील की है कि वह अपहृत जवान को रिहा कर दें.

 

 

 



दैनिक ट्रिब्यून से फीड