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एंटीलिया विस्फोटक मामला: मर्सिडीज कार के मालिक ने किया ये बड़ा खुलासा

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दीपक दुबे, मुंबई: NIA ने जिस ब्लैक कलर की मर्सिडीज कार को सीज किया है, उस कार के मालिक सारश भावसर ने न्यूज 24 से बातचीत में कहा कि मैंने ये कार फरवरी 2019 में Car24 को बेंच दी थी. उन्‍होंने कहा कि सचिन वाजे को नहीं जानता हूं. एजेंसी ने मुझसे अभी कोई संपर्क नहीं किया है और अगर बुलाया जाएगा तो मैं सहयोग करने के लिए तैयार हूं.

सारश भावसकर धुले के रहने वाले है और रोडवेज कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर है. यह कार मनीषा भावसर के नाम पर रजिस्टर्ड है, जोक‍ि सारश की पत्नी है. अब इस मर्सिडीज को सचिन वाजे ही चलाता था और यह कार कमिश्नर ऑफिस में पार्क पाई गई थी यानी साफ है वाजे इस कार को लेकर कमिश्नर ऑफिस आया था. इसी कार से स्कॉर्पियो की नंबर प्लेट, 5 लाख 70 हजार कैश, किरोसिन (कुर्ता जलाने के लिए NIA को शक) व अन्य महत्वपूर्ण चीजे पाई गई हैं.

NIA सूत्रों के मुताबिक, परसो रात सचिन वाजे के कैबिन में जो हमने छापेमारी की थी, उसमें लैपटॉप मिला था. लेकिन उसमें से पूरा डाटा डिलेट कर दिया गया है. NIA ने जब वाजे से मोबाइल के बारे पूछा तो उन्‍होंने बताया कि मोबाइल कही गिर गया है और वह नहीं जातना. NIA के अधिकारी ने कहा कि वाजे ने अपना मोबाइल जानबुझकर के फेंक दिया है.

सूत्रों के मुताबिक, NIA साजिश को लेकर समझना चाहती है और इस मामले में जो भी दूसरे किरदार है, उन्हें भी पहचानना अब भी बाकी है. सचिन वाजे एक पुलिस अधिकारी है और बहुत ही इंफ्लुएंशियल भी है. ऐसे में उन्हें मिसिंग लिंक की तलाश करनी है. जैसे कि शक है कि उन्होंने अपने इंफ्लुएंश का इस्तेमाल कर इस मामले को दबाने की हर मुमकिन कोशिश की है.

सबसे बड़ी जांच का विषय यह भी है कि एनआईए अब वाजे से “जैश उल हिन्द वाला” टेलीग्राम का जो मैसेज था, उस बारे में भी पूछताछ कर रही है. शक है कि यह भी प्लानिंग का एक हिस्सा था. वाजे के पुराने मामले को भी एनआईए रिकॉर्ड पर लाकर जांच कर रही है कि उनका इस मामले में कहीं कोई लिंक तो नहीं है.

इस मामले को 4 इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसरों ने देखा है. अबतक इस मामले में जब एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के पास मामला गया, तब कई असमानता दिखाई दी है जैसे कि मामले दूसरे अधिकारी को हैंडओवर करते समय कुछ छुपाना. जिसकी जांच भी एनआईए कर रही है.

तीनों मामले एक साथ जुड़ते जा रहे:
एनआईए को अब यह पता चल गया है कि तीनों मामले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, जिसमे स्कॉर्पियो का चोरी होना, जिलिटीन से भरी गाड़ी खड़ी करना और मनसुख की संदिग्ध मौत होना शामिल है.



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