नंदीग्राम से हारने के बाद ममता बनर्जी ने लगाए ये आरोप

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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित नंदीग्राम सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 1736 वोटों से हार हुई. यहां से बीजेपी के शुवेंदु अधिकारी जीते. शुवेंदु इस सीट पर पहले भी विधायक रह चुके हैं. इस बार उन्होंने बीजेपी जॉइन की, तो ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से उनके खिलाफ ताल ठोक दी. 

हालांकि शुवेंदु ने अपनी जीत का दावा चुनाव से पहले ही कर दिया था. शुवेंदु ने कहा था कि वे इस सीट से ममता बनर्जी को हराएंगे. शुवेंदु अधिकारी को कुल 109673 वोट मिले. जबकि ममता बनर्जी को 107937 वोट मिले. यानी शुवेंदु ने ममता को 1736 वोटों से शिकस्त दी. 

नंदीग्राम सीट पर कुल 17 राउंड हुए. इसमें लगभग हर राउंड में शुवेंदु आगे चल रहे थे, लेकिन 13वें राउंड के बाद ममता लगभग 1500 वोटों से आगे हो गईं. इसके बाद मुकाबड़ा कड़ा होता चला गया और अंतत: शुवेंदु ने आखिरी राउंड में बाजी मार ली. हालांकि टीएमसी को ये हार रास नहीं आई है. उसने बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दोबारा गिनती की मांग की है.  

इस बीच टीएमसी की शानदार जीत के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से हार के बाद आरोप लगाए. ममता ने कहा, मुझे एक व्यक्ति का SMS मिला. जिसमें नंदीग्राम के रिटर्निंग ऑफिसर ने किसी को लिखा कि अगर वह दोबारा काउंटिग की अनुमति देता है तो उसका जीवन खतरे में पड़ जाएगा. चार घंटे तक सर्वर डाउन रहा, राज्यपाल ने भी मुझे बधाई दी. अचानक सब कुछ बदल गया. 

ममता ने कहा, उन्हें (बीजेपी) 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं करना चाहिए था, ये (बीजेपी का 77 सीट जीतना) चुनाव आयोग के योगदान की वजह से है. ममता बनर्जी ने सभी पत्रकारों को कोविड वॉरियर बनाने की घोषणा की. 

वहीं, जीत के बाद शुवेंदु अधिकारी ने बंगाल में टीएमसी द्वारा हिंसा फैलाने का आरोप लगाया. शुवेंदु ने ट्वीट कर कहा, तृणमूल बंगाल में आतंक का माहौल बनाना चाहती है. आज हल्दिया में मेरी कार पर हमला हुआ. पत्थर फेंककर कार के शीशे तोड़ने का प्रयास किया गया.

अगर आपको एक जनप्रतिनिधि के रूप में भी ऐसी घटना का सामना करना पड़ता है, तो बंगाल के आम लोगों की सुरक्षा कहां है?



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