परिवार को ही बना लिया बंदूक की नोक पर बंधक, समधी को मार दी गोली, मोहल्ले में फैली दहशत

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रीवा: रीवा के समान थाना क्षेत्र अंतर्गत नेहरू नगर मोहल्ले में गुरुवार को एक व्यक्ति ने अपने ही परिवार को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया गया. जिसके बाद प्रशासनिक टीम के द्वारा की गई कड़ी मशक्कत के साथ लगभग 12 घंटों बाद परिवार के लोगों को आजाद कराया गया. पुलिस की टीम के द्वारा घंटों सिरफिरे व्यक्ति से बात करने की कोशिश की गई, मगर बाद में जब स्थिति साफ नहीं हुई तो पुलिस के द्वारा घर के गेट को तोड़कर परिवार के लोगों को आजाद कराया गया. 

समान थाना क्षेत्र अंतर्गत नेहरू नगर मोहल्ले में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक सिरफिरे व्यक्ति के द्वारा हाई वोल्टेज ड्रामा कर बंदूक की नोक पर अपने ही परिवार को बंधक बना लिया गया. जिसके बाद स्थानीय लोगों के द्वारा पुलिस को सूचना दी गई, तब मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने घंटों मान मनोव्वल किया और अंततः 12 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद परिवार के लोगों को आजाद कराया. बताया जा रहा है कि घटना तकरीबन रात 2:00 बजे की है, जब आरोपी सुरेश मिश्रा के द्वारा परिवार के लोगों को बंधक बनाया गया. 

सुबह तकरीबन 10 बजे घटना की जानकारी पुलिस को हुई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने आरोपी सुरेश मिश्रा से बातचीत शुरू की तथा घंटों चली बातचीत के बाद भी कोई निष्कर्ष निकलकर नहीं आया तब पुलिस के द्वारा सक्रियता दिखाते हुए घर के मुख्य द्वार को तोड़ कर आरोपी को बाहर लाया गया. बताया जा रहा है कि सुरेश मिश्रा डिंडोरी जिले में एसडीओ पदस्थ थे. आरोपी द्वारा मिलने आये अपने समधी पर ही फायर कर उन्हें घायल कर दिया. गनीमत रही गोली पैरों में लगी, फ़िलहाल वह स्वस्थ हैं और उनका  इलाज संजय गांधी अस्पताल में किया जा रहा है. 

पुलिस की मानें तो सुबह से ही टीम के द्वारा उन्हें समझाने की कोशिश की जा रही थी मगर वह मानने को तैयार नहीं थे. आरोपी ने घर के दरवाजे बंद कर रखे थे और लगातार फायरिंग कर दहशत फैला रहा था. करीब दस राउंड फायर किए गए. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घर के आस पास के रास्तों में लोगो के आवाजाही पर रोक लगा दी. साथ ही लोगों को अपने घरो में रहने के निर्देश दिए और लगातार लाउड स्पीकर से आरोपी  करने की कोशिश की, लेकिन वह बेनतीजा रही. घर के अंदर कैद आरोपी की पत्नी को भी नहीं पता की उन्होंने ऐसा क्यों किया, उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि वो काफी मानसिक तनाव में थे. 

जब काफी समझने के बाद आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला तो बिछिया थाना प्रभारी जगदीश ठाकुर के नेतृत्व में टीम बना कर करीब 5 लोगों ने ऑपरेशन को अंजाम दिया. दो लोग दरवाजे के बगल में खड़े हो गए जबकि अन्य लोग घर में अन्य जगह से घुसने की कोशिश करने लगे. अंत में मुख्य दरवाजे को तोड़कर पुलिस दाखिल हुई और आरोपी को पकड़ उसकी बंदूक को जब्त कर लिया. 

बताया जाता है जब पुलिस दरवाजे को  तोड़कर घुसी तो आरोपी अर्धनग्न अवस्था में आंख मूंद कर बैठा था. घर का काफी सामान बिखरा हुआ था तथा घर के कागजात व कुछ कैसे रुपए भी इधर से उधर हुए थे जिनके तहत पुलिस के द्वारा जांच शुरू कर दी. इसके अलावा पुलिस की टीम ने घटना में प्रयुक्त राइफल को भी बरामद किया है. 

उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल ले जाया गया. सिरफिरे की इस हरकत से मोहल्ले में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई. वहीं आस पड़ोस के लोग डरे सहमे से घर के अंदर ही छुपे हुए थे जिसके बाद घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीम ने घर के मुख्य द्वार को तोड़कर सिरफिरे व्यक्ति को बाहर निकाला. मामले को लेकर जब मीडिया के द्वारा सिरफिरे व्यक्ति से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी नहीं कहा सिर्फ माथे पर हाथ रख कर मानसिक बीमार होने का इशारा किया.  



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