दिल्ली में लॉकडाउन, पंजाब में बढ़ीं पाबंदियां
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दिल्ली में लॉकडाउन, पंजाब में बढ़ीं पाबंदियां


नयी दिल्ली/ चंडीगढ़, 19 अप्रैल (एजेंसी)

कोरोना के मामलों में तेजी से वृद्धि के बीच दिल्ली में सोमवार रात 10 बजे से 26 अप्रैल सुबह 5 बजे तक लॉकडाउन लगा दिया गया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, यहां दवाओं, बिस्तर, आईसीयू और ऑक्सीजन की गंभीर कमी है, ऐसे में स्वास्थ्य प्रणाली को ध्वस्त होने से बचाने के लिए लॉकडाउन बहुत आवश्यक है. लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं की अनुमति होगी, लेकिन निजी कार्यालय, दुकानें, मॉल, साप्ताहिक बाजार, निर्माण इकाइयां, शैक्षिक और कोचिंग संस्थान, सिनेमा हॉल, बार, ऑडिटोरियम, पार्क, खेल परिसर, जिम, स्पा, सैलून, पार्लर बंद रहेंगे.

उधर, पंजाब सरकार ने भी सख्त प्रतिबंधों की घोषणा की है. राज्य में रात के कर्फ्यू का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है. राज्य में बार, सिनेमा हॉल, जिम, स्पा, कोचिंग सेंटर तथा खेल परिसर 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे. नये प्रतिबंध मंगलवार से लागू होंगे. कर्फ्यू का समय अब रात 8 से सुबह 5 बजे तक होगा. पहले यह रात 9 से सुबह 5 बजे तक था.

शादी, संस्कार में सिर्फ 20 लोगों की अनुमति

  • पंजाब में शादियों और अंतिम संस्कार सहित विभिन्न मौकों पर 20 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गयी है.
  • अंतिम संस्कार को छोड़कर किसी अन्य आयोजन में 10 से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने के लिए जिला प्रशासन की स्वीकृति लेनी होगी.
  • रेस्तरां और होटल खुले रहेंगे, लेकिन वहां से सिर्फ खाना घर ले जाने की अनुमति होगी.
  • निजी प्रयोगशालाओं में आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट की दरें घटाकर क्रमशः 450 और 300 रुपये कर दी गयी हैं.
  • फ्लाइट से पंजाब आने वाले लोगों के लिए आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा, जो 72 घंटे से पहले की नहीं हो. ऐसा नहीं होने पर उन्हें हवाई अड्डों पर ही जांच करानी होगी.
  • बसों, टैक्सियों और ऑटो-रिक्शा को यात्रियों की संख्या आधी रखने का आदेश दिया गया है.

यूपी के 5 शहरों में हाईकोर्ट के आदेश पर लॉकडाउन

प्रयागराज (एजेंसी) : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक कोरोना प्रभावित 5 शहरों- प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और गोरखपुर में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाने का निर्देश दिया. एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा, ‘हमारा विचार है कि मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए यदि लोगों को उनके घरों से बाहर जाने से एक सप्ताह के लिए रोक दिया जाता है, तो कोरोना संक्रमण की शृंखला तोड़ी जा सकती है. इससे अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को भी कुछ राहत मिलेगी.’



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