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हरियाणा रोडवेज की बस सवारियों को लेकर पहुंची अस्पताल, जानिए वजह – टीएनआर

हरियाणा रोडवेज की बस सवारियों को लेकर पहुंची अस्पताल, जानिए वजह - चौपाल TV




टीएनआर, कैथल

सरकारी तंत्र के फेल होने पर मानवता की एक मिसाल सामने आई है. दरअसल एक गर्भवती औरत को जब एंबुलेंस सेवा नहीं मिली तो पति अपनी गर्भवती पत्‍नी को लेकर बस से ही अस्‍पताल ले जाने लगा. रास्‍ते में प्रसव पीड़ा हुई तो चालक ने अस्‍पताल पहुंचाने के लिए तेज बस चलाई. इसके बाद महिला सवारियों ने ही बस में डिलीवरी करवाई. महिला ने बेटे को जन्‍म दिया.

यह मामला है हरियाणा के कैथल जिले का. पूंडरी से कैथल आ रही हरियाणा रोडवेज की बस सवार गर्भवती महिला की डिलीवरी हो गई. महिला को प्रसव पीड़ा होने पर बस में सवार अन्य महिलाओं ने उसकी डिलीवरी करवाई. इसके बाद चालक बस को अड्डे पर ले जाने की बजाय सीधा अस्पताल ले गया और जच्चा-बच्चा को दाखिल करवाया गया. दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं. सिविल अस्पताल की कार्यकारी पीएमओ डा. रेनू चावला ने बताया कि महिला की डिलीवरी बस में हुई है. डिलीवरी होने में 15 से 20 दिन का समय था, लेकिन जैसे ही बस में महिला की डिलीवरी होने की सूचना मिली तो पूरे स्टाफ को सतर्क करते हुए बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए.

जानकारी के अनुसार गांव मानस निवासी पवन कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी अनीता के साथ पिछले कई सालों से अपनी बहन शीला के ससुराल फतेहपुर में रहता है. यहां दिहाड़ी-मजदूरी का काम करता है. पहले उसके पास बेटा-बेटी है. वीरवार को वह काम पर चला गया. दोपहर के समय घर से फोन आया कि उसकी पत्नी को पीड़ा शुरू हो गई है तो वह घर पहुंचा. उसने एंबुलेंस के लिए पूंडरी स्थित सरकारी अस्पताल में संपर्क किया लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली. इसके बाद वह अपनी बहन शीला के साथ पत्नी अनीता को लेकर कैथल जिला नागरिक अस्पताल में आ रहा था. बस में बैठने के बाद परेशानी ज्यादा बढऩे लगी. इसके बाद बस में सवार अन्य महिलाओं की सहायता ली. शहर में करनाल रोड बाइपास पर छोटू राम चौक के नजदीक उसकी पत्नी की डिलीवरी हो गई. उसने लड़के को जन्म दिया.

जींद जिला के गांव बडौदा निवासी बस चालक बिजेंद्र शर्मा ने बताया कि कैथल डिपो में उसकी ड्यूटी है. दोपहर के समय वह कैथल से नरवाना बस ले जाने के बाद नरवाना से लौटते हुए पाई से होते पूंडरी पहुंचे. यहां बस अड्डा से एक गर्भवती महिला बस में सवार हो गई. रास्ते में प्रसव पीड़ा होने की जानकारी महिला के पति पवन ने उसे बताई तो उसने इमरजेंसी सेवाओं को देखते हुए बस की गति को बढ़ाया.

कैथल शहर में प्रवेश करते ही महिला की डिलीवरी बस में हो गई. वह महिला को अस्पताल में छोड़ आया था. चालक ने बताया कि 10 मिनट तक बस रुकी रही. इस दौरान बस में सवार 25 के करीब यात्रियों को परिचालक अशोक कुमार ने नीचे उतार दिया. करीब 15 महिलाएं बस में रह गई थीँ, जिनमें एक 55 साल की महिला ने अन्य के साथ अनीता की डिलीवरी करवाई. बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वहां मौजूद सभी के चेहरे पर खुशी झलक आई.

पूंडरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डा. विकास भटनागर ने बताया कि यह मामला उनके नोटिस में नहीं है. अगर व्यक्ति ने अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए अस्पताल में एंबुलेंस को लेकर फोन किया है और उसे एंबुलेंस क्यों नहीं मिली. इस बारे में संबंधित कर्मचारियों से जानकारी ली जाएगी. किसी की कहीं लापरवाही मिली तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी.


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