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Corona की दूसरी लहर को लेकर केंद्र का बड़ा खुलासा, जानिए इस बार का कोरोना कितना खतरनाक

नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर पर केंद्र सरकार की ओर से चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं. केंद्र का कहना है कि इसबार का कोरोना पिछली बार के मुकाबले ज्यादा खतरनाक नहीं है. इस बार मरीजों को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो रही है. इस कारण इस बार ऑक्सीजन की जरूरत ज्यादा है.

केंद्र ने माना है कि इस बार वायरस हवा में फैल रहा है. वायरस गर्म भाप के जरिए छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटकर तेजी से फैल रहा है. यानी बंद जगहों पर, लिफ्ट में, गलियारे में इसके फैलने और लोगों के संक्रमित होने के चांसेज ज्यादा हैं. सोमवार को नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बताया कि इस बार लोगों को सांस लेने में दिक्कत आ रही है. 

ICMR और नीति आयोग ने माना- सर्दियों में कम गर्मियों में ज्यादा फैल रहा है

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कहा कि दूसरी लहर पहले के मुकाबले कम खतरनाक है. विदेशी रिसर्च और स्टडी के सामने आने के बाद अब केंद्र सरकार ने भी ये मान लिया है कि कोरोना का संक्रमण हवा में ज्यादा तेजी से हो रहा है. ICMR और नीति आयोग ने ये बातें मेडिकल जर्नल लैंसेट की रिपोर्ट के हवाले से कही है.  भारत सरकार के 17 वैज्ञानिकों के रिसर्च में ये बात सामने आई है कि गर्मी के कारण वायरस के फैलाव की क्षमता बढ़ जाती है. 

अब सांस के जरिए स्प्रे की तरह फैल रहा वायरस:

सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बॉयोलॉजी (CCMB) हैदराबाद के डायरेक्टर डॉ. राकेश के. मिश्रा का कहना है कि गर्मी में सांस तेजी से भाप बन जाती है. ऐसे में जब कोई संक्रमित व्यक्ति सांस छोड़ता है तो वायरस छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाता है. वायरस के अतिसूक्ष्म कण सांस के साथ स्प्रे की तरह तेजी से बाहर आते हैं. फिर देर तक हवा में रहते हैं.



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