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Kader Khan’s Death Anniversary: कादर खान के वो बेहरीन 10 डायलॉग्स, जो आज भी फैंस के जेहन में हैं जिंदा

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मुंबई. बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार कादर खान आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं. लेकिन उनके किए गए काम और एक्टिंग ने फैंस के दिलो में कभी ना खत्म होने वाली छाप छोड़ी है. कादर खान का काम इस बात का सुबूत है कि वो हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे बेहतरीन एक्टर्स में से एक थे. चार दशक से अधिक के करियर में, उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया. दिवंगत एक्टर ने राजेश खन्ना अभिनीत 1973 की फिल्म ‘दाग’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. एक्टिंग के अलावा, वो 1970 से 1999 तक बॉलीवुड के लिए एक शानदार पटकथा लेखक भी थे और उन्होंने 200 फिल्मों के लिए डायलॉग्स लिखे.

कादर खान को बॉम्बे विश्वविद्यालय से संबद्ध इस्माइल यूसुफ कॉलेज से ग्रेजुएट किया गया था. 1970 के दशक की शुरुआत में फिल्म उद्योग में प्रवेश करने से पहले, वह एम एच साबू सिद्दीक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मुंबई में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर के रूप में काम करते थे. एक नाटक में उन्हें पहला ब्रेक थ्रू मिला. अनुभवी एक्टर  दिलीप कुमार, जो कॉलेज में अपने वार्षिक दिवस के दौरान दर्शकों के बीच मौजूद थे, कादर के प्रदर्शन से बहुत प्रभावित हुए और जल्द ही उन्हें अपनी अगली फिल्म में कास्ट कर लिया.

कादर खान ने 1989 से सिक्का, किशन कन्हैया, हम, बोल राधा बोल जैसी फिल्मों के साथ मुख्य कॉमेडी भूमिकाएं करना शुरू किया और 90 के दशक में कॉमेडी भूमिकाओं के माध्यम से जारी रखा. जब कॉमेडी की बात आती है, तो कादर हमेशा निर्माताओं की पहली पसंद थे और अपनी परफेक्ट टाइमिंग के लिए जाने जाते थे. दिवंगत एक्टर ने गोविंदा के साथ एक शानदार साझेदारी बनाई. उन्होंने कुली नंबर 1, दुल्हे राजा, हीरो नंबर 1, राजा बाबू और बडे मियां छोटे मियां जैसी कई हिट फिल्में दीं. गोविंदा और कादर खान की जोड़ी कई फिल्म निर्माताओं के लिए हिट फॉर्मूला साबित हुई.

हालांकि 31 दिसंबर 2018 को कादर खान ने दुनिया को अलविदा कह दिया. आज कादर खान की पुण्यतिथि के मौके पर, हम आपके लिए उनके कुछ फेमस और हिट डायलॉग्स लेकर आए हैं-

1. जिंदा हैं वो लोग जो मौत से टकराते हैं.

2. जिंदगी में तूफान आए, कयामत आए…मगर कभी दोस्ती में दरार ना आ पाए.

3. आदमी के सीने में खंजर भोंकने से वो सिर्फ एक बार मरता है लेकिन जब किसी का दिल टूटता है ना तो उसे बार-बार हर रोज मरना पड़ता है.

4. इतना सन्नाटा क्यों है भाई?

5. विजय दीनानाथ चौहान…पूरा नाम

6. जिंदगी तो खुदा की रहमत है… जो नहीं समझा उसकी जिंदगी पे लानत है.

7. जिंदा हैं वो जो मौत से टकराते हैं, मुर्दों से बेहतर हैं वो जो मौत से घबराते हैं.

8. हर चोर अपनी मौत मरता नहीं…मारा जाता है.

9. मोहब्बत को समझना है तो प्यारे खुद मोहब्बत कर…किनारे से कभी अंदाज-ए-तूफान नहीं होता.

10. अगर इंसान दुख से दोस्ती करले… तो फिर जिंदगी में कभी उसको सुख की तमन्ना ही नहीं रहेगी.



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