Close

जिनपिंग को मिली ज्‍यादा पावर, कहा- किसी भी क्षण युद्ध के लिए तैयार रहे सेना

News

संजीव त्रिवेदी, नई दिल्‍ली: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) पर अधिक नियंत्रण मिल गया है. उन्‍होंने सेना को हर क्षण स्टेप-अप ट्रेनिंग और लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा है. विशेष रूप से जब से जिनपिंग कमांडर-इन-चीफ बने हैं, उन्होंने सेना को हमेशा लड़ाई के लिए तैयार रहने पर जोर दिया है.

हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, शी जिनपिंग ने पीएलए को “किसी भी समय” युद्ध करने के लिए तैयार रहने को कहा. चीनी राष्ट्रपति के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, “पीएलए को नए उपकरणों, नई ताकतों और नए लड़ाकू क्षेत्रों के एकीकरण को बढ़ाना चाहिए.”

67 वर्षीय नेता ने यह टिप्पणी की कि नव संशोधित रक्षा कानून में सशस्त्र बलों की शक्तियों का विस्तार 2021 से लागू हुआ है. 26 दिसंबर, 2020 को, 13वीं राष्ट्रीय पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति ने एक संशोधित राष्ट्रीय रक्षा कानून पर मुहर लगाई, जोकि 1 जनवरी, 2021 से लागू हो गया है.

शी जिनपिंग केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के अलावा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के प्रमुख हैं, उन्‍होंने सेना के संयुक्त अभियानों के लिए प्रशिक्षण और अभ्यास पर जोर दिया.

उन्होंने इस साल नया आदेश जारी करते हुए कहा, ‘सेना को अपने अधिकारियों और सैनिकों को यथार्थवादी युद्ध परिदृश्यों में प्रशिक्षित करना चाहिए. युद्ध और सैन्य अभियानों के बारे में अनुसंधान पर अधिक ध्यान देना चाहिए, अभ्यास की तीव्रता को बढ़ाना चाहिए, अधिक आपातकालीन-प्रतिक्रिया अभ्यास करना चाहिए और सैनिकों को हमेशा उच्च चेतावनी पर तैयार रहना चाहिए. किसी भी संभावित सैन्य लड़ाई के लिए.’

भारत-चीन सीमा गतिरोध जारी

नया आदेश ऐसे समय में आया है, जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में महीनों से गतिरोध चल रहा है. दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारी संख्या में सैनिकों को तैनात किया है.

नई दिल्ली और बीजिंग के बीच गलवान टकराव के बाद संबंध बिगड़ गए, जिसमें भारतीय सेना ने अपने 20 सैनिकों को खो दिया. चीन के पीएलए को भी अपने 30-40 जवानों का नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन बीजिंग ने अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की है.

गतिरोध को समाप्त करने और सीमा पर तनाव को कम करने के प्रयास में दोनों देशों ने पिछले महीनों में कई दौर की सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता की है, लेकिन कोई बड़ी सफलता हासिल करने में विफल रहे हैं.



न्यूज़24 हिन्दी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Leave a comment
scroll to top