भारत, ब्रिटेन में एक अरब पौंड का व्यापार समझौता
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भारत, ब्रिटेन में एक अरब पौंड का व्यापार समझौता


नयी दिल्ली, 4 मई (एजेंसी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को दोनों देशों के संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ की ओर ले जाने के लिए महत्वाकांक्षी ‘रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी. शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने वाणिज्यिक भागीदारी की शुरुआत करने की भी घोषणा की.

जॉनसन के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि भारत और ब्रिटेन के बीच एक बिलियन पौंड के नये व्यापार और निवेश की प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणा से ब्रिटेन में 6,500 से अधिक नौकरियां सृजित होंगी. इस पैकेज में ब्रिटेन में 53.3 करोड़ पौंड का नया भारतीय निवेश शामिल है. बयान के अनुसार इसमें सीरम इंस्टीट्यूट का 24 करोड़ पौंड का निवेश शामिल है. यह निवेश ब्रिटेन में टीका कारोबार और नये बिक्री कार्यालय में किया जाएगा. इससे एक अरब डॉलर से अधिक का नया कारोबार सृजित होने का अनुमान है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि यह रोडमैप लोगों के बीच संपर्क, व्यापार और अर्थव्यवस्था, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में अगले 10 सालों तक गहरे संबंधों और मजबूत आदान-प्रदान का रास्ता साफ करेगा.

यह पूछे जाने पर कि विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगौड़े के प्रत्यर्पण को लेकर क्या दोनों नेताओं के बीच कोई चर्चा हुई, विदेश मंत्रालय ने कहा कि आर्थिक भगौड़ों के प्रत्यर्पण के लेकर बातचीत हुई. बैठक के दौरान मोदी ने कहा कि आर्थिक भगौड़ों को सुनवाई के लिए जल्द से जल्द भारत भेजा जाना चाहिए. दोनों नेताओं ने कोविड-19 की ताजा स्थिति के साथ ही इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में जारी सहयोग और टीके को लेकर सफल साझेदारी पर भी चर्चा की. इस बीच, विदेश मंत्रालय ने बताया कि मोदी-जॉनसन डिजिटल शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन और सह-विकास पर भी चर्चा हुई.

मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री जॉनसन ने प्रधानमंत्री मोदी को सूचित किया कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ब्रिटेन में निवेश कर रहा है और ब्रिटेन में वह टीका बनाएगा. 



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