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किसान हिंसा को देखते हुए दिल्ली में आने-जाने वाले ये रास्ते बंद

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नई दिल्‍ली: गणतंत्र दिवस पर किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की वजह से आज दिल्ली के आने-जाने वाले कई रास्तों को बंद कर दिया गया है. जिसमें गाज़ियाबाद जाने वाले नेशनल हाईवे 9 को बंद कर दिया गया है. नेशनल हाईवे-24 भी सुरक्षा के लिहाज से आज बंद है.

इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने फिर से आईटीओ से कनॉट प्लेस जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है. वहीं आईटीओ चौराहे से इंडिया गेट जाने वाला रास्ता भी बंद किया गया है. मिंटो रोड से कनॉट प्लेस जाने वाला रास्ता भी बंद किया गया है.

गाजीपुर मंडी, NH-9 और NH-24 बंद

गाजीपुर मंडी, NH-9 और NH-24 को ट्रैफिक मूवमेंट के लिए बंद कर दिया गया है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले लोगों को शाहदरा, करकरी मोर और डीएनडी से सफर करने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही मिंटो रोड से कनॉट प्लेस का रास्ता बंद कर दिया गया है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से इस मार्ग का उपयोग नहीं करने को कहा है.

लाल किला, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार बंद

लाल किला मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार बंद हैं. इस स्टेशन पर किसी के निकलने या अंदर आने की अनुमति नहीं है, हालांकि अन्य सभी स्टेशन खुले हैं. सभी लाइनों पर सामान्य सेवाएं चालू हैं. मंगलवार को किसान विरोध प्रदर्शन में हिंसक हो गए थे, जिस वजह से कम से कम 20 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारा बंद कर दिए गए थे.

जिन लोगों ने लाल किले में हिंसा और झंडा फहराया, उन्हें भुगतना पड़ेगा: राकेश टिकैत

किसान संगठन के नेता राकेश टिकैत ने कहा, ‘अशिक्षित लोग ट्रैक्टर चला रहे थे, उन्हें दिल्ली के रास्ते का पता नहीं था. प्रशासन ने उन्हें दिल्ली की ओर जाने का रास्ता बताया. वे दिल्ली गए और घर लौट आए. उनमें से कुछ अनजाने में लाल किले की तरफ चले गए.’

उन्‍होंने कहा, ‘जिन लोगों ने लाल किले में हिंसा और झंडे फहराए, उन्हें अपने कामों के लिए भुगतान करना होगा. पिछले दो महीने से एक समुदाय विशेष के खिलाफ साजिश चल रही है.’ टिकैत ने कहा कि यह सिखों का आंदोलन नहीं है, बल्कि किसानों का है.

बर्बरता का सहारा लेने वाले लोग किसानों के ‘दुश्मन’ हैं: हन्नान मोल्लाह

अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने हिंसा की निंदा की और कहा कि जो लोग बर्बरता में लिप्त हैं वे किसानों के ‘दुश्मन’ हैं और ‘एक साजिश का हिस्सा’ हैं. “अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा, “जिन लोगों ने राजधानी में बर्बरता का सहारा लिया, वे किसान नहीं हैं, बल्कि वे दुश्मन हैं. यह घटना एक साजिश का हिस्सा है. हमने इस गुंडागर्दी से सबक लिया है और भविष्य में यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी असामाजिक तत्व इसमें न आए. हम आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से चलाएंगे.’

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कल किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में 22 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं.



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