भारत में तेजी से बढ़ रहा ई-व्हीकल्स का बाजार, यदि आप भी बना रहे हैं खरीदने का मन, तो ये खबर है आपके काम की

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नई दिल्ली: भारत को पूरी तरह से इलैक्ट्रिक वाहनों पर निर्भर होने में अभी समय लग सकता है. लेकिन इस दिशा में मिल रहे रुझान राहत देने वाले हैं. भारत सरकार के मुताबिक देश में ई-व्हीकल्स की बिक्री में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है.

सरकार द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में काफी वृद्धि हुई है. 2017-18 में भारत में 69,012 यूनिट इलेक्ट्रिक वाहन बिके थे. 2018-19 में संख्या बढ़कर 143,358 इकाई पहुंच गई और फिर 2019-20 में ये आंकड़ा 167,041 पर पहुंच गया. इस लिहाज से देखा जाए तो भारत में बीते तीन साल में ई-वाहनों की बिक्री में दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है.

लोकसभा में ई-वाहनों पर एक पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर के दौरान, भारी उद्योग राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकारी डेटा के माध्यम से ये जानकारी उपलब्ध कराई.

आप को बता दें कि भारत सरकार 2030 तक पूरी तरह ई-वाहनों पर निर्भर होने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए न केवल केंद्र, बल्कि कुछ राज्य सरकारों द्वारा भी बड़े कदम उठाए गए हैं. दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए भी लोग ई-वाहनों का रुख कर रहे हैं.

वहीं, केंद्र ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इन वाहनों पर लगने वाली जीएसटी दर को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने का फैसला लिया है. इस बीच, दिल्ली सरकार सहित कुछ राज्य सरकारों ने अपनी तरफ से भी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों की घोषणा की है, जिनका उद्देश्य ई-मोबिलिटी अपनाने वालों को प्रोत्साहित करना है.



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