यहां डॉक्टर्स कोरोना पीड़ितों को हाथ तक लगाने के लिए नहीं है तैयार, परिजनों पर ही थोपी जा रही है पूरी जिम्मेदार

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जगदलपुर: कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण राज्य में हालात बदतर होते जा रहे हैं. जहां देखो वहां अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही हैं. ऐसे में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए सिर्फ डॉक्टर ही भगवान हैं. कोविड संक्रमण से लड़ने के लिए जहां चिकित्सक अपनी जान तक दांव पर लगा रहे हैं. वहीं कुछ ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं जिनपर विश्वास करना मुश्किल हो जाता है. ऐसा ही कुछ राज्य के जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में हुआ है. जहां एक डॉक्टर पर अपनी जिम्मेदारी से विमुख होने का आरोप है. 

राज्य के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में कोरोना पीड़ितों ने डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि चिकित्सक मरीजों को हाथ तक लगाने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने बताया कि अस्पताल के डॉक्टर्स सिर्फ कागजी काम करने के बाद पीड़ितों के इलाज का जिम्मा स्टाफ नर्सों के भरोसे छोड़ देते हैं. इतना ही नहीं आगे उन्होंने बताया कि नर्सों की गैरमौजूदगी में डॉक्टर्स मरीजों के परिजनों पर ही दबाव बनाकर उनसे बाकी का काम  करवाते हैं. जिस वजह से मरीज के परिजनों को भी मजबूर होकर काम करना पड़ता है. 

आप को बता दें कि पिछले 24 घंटों में 15,084 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. जिसके बाद से संख्या कुल 6,67,446 संख्या हो गई है. वहीं 226 मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या 7536 हो गई है.



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