जेल से भागने की सजा सुनकर आ रहा था कैदी, रास्ते में फिर नदी में कूद कर भाग गया, जानें फिर क्या हुआ

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नई दिल्ली: सजा से बचने के लिए अपराधी कोई भी हद पार करने से नहीं झिझकते. फिर चाहे उनकी जान पर ही क्यों न बन आए. ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड से सामने आया है. वहां आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने जेल जाते समय अलकनंदा नदी में छलांग मार दी और पुलिस मुंह ताकते रह गई. बाद में पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी किनारे सर्च अभियान भी चलाया, लेकिन कैदी का कोई सुराग नहीं मिला. चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि शनिवार को फिर से सर्च अभियान चलाया जा रहा है. 

आप को बता दें कि चमोली निवासी नवीन चंद्र 27 नवंबर 2019 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा था. उसे पॉक्सो एक्ट की तहत सजा दी गई है. दिलचस्प बात ये है कि ये अपराधी इससे पहले भी जेल से भाग चुका है. दरअसल एक सितंबर 2020 को जेल परिसर में सफाई अभियान के नवीन को मौका मिल गया और वो भाग छूटा. हालांकि पुलिस सप्ताहभर बाद ही उसे गिरफ्तार करने में सफल रही.

जेल का ताला तोड़कर भागने के मामले में जिला न्यायालय ने शुक्रवार को नवीन को दो साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद उसे शुक्रवार शाम को लगभग पौने पांच बजे पुलिस अभिरक्षा में पुरसाड़ी जेल लाया जा रहा था, लेकिन पुलिस जवानों को चकमा देकर वह जेल परिसर से अलकनंदा की ओर भाग गया. पुलिस जवान भी उसके पीछे भागे, लेकिन देखते ही देखते नवीन ने नदी में छलांग मार दी.

जेलर प्रमोद कुमार का कहना है कि पुलिस कर्मियों ने कुछ देर तक नदी में उसे बहते देखा. पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान का कहना है कि कैदी नवीन के नदी में छलांग मारने की सूचना पर पुलिस फोर्स और एसडीआरएफ का सर्च अभियान दल मौके पर भेजा गया और नदी किनारे सर्च अभियान चलाया गया. लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला.



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