रेमडेसिविर को लेकर नये प्रोटोकॉल पर सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, ऐसा लगता है केंद्र चाहता है लोग मरते रहें

रेमडेसिविर को लेकर नये प्रोटोकॉल पर सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, ऐसा लगता है केंद्र चाहता है लोग मरते रहें


नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (एजेंसी)दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र चाहता है कि लोग मरते रहें, क्योंकि कोविड-19 के उपचार में रेमडेसिविर के इस्तेमाल को लेकर नये प्रोटोकॉल के मुताबिक केवल ऑक्सजीन पर आश्रित मरीजों को ही यह दवा दी जा सकती है. जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने केंद्र सरकार से कहा, ‘यह गलत है. ऐसा लगता है दिमाग का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं हुआ है. अब जिनके पास ऑक्सीजन की सुविधा नहीं है उन्हें रेमडेसिविर दवा नहीं मिलेगी. ऐसा प्रतीत होता है कि आप चाहते हैं लोग मरते रहें.’ हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि केंद्र ने रेमडेसिविर की कमी की भरपाई के लिए प्रोटोकॉल ही बदल दिया है. अदालत ने कहा, ‘यह सरासर कुप्रबंधन है.’ अदालत कोविड-19 से संक्रमित एक वकील की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. उन्हें रेमडेसिविर की छह खुराकों में केवल तीन खुराकें ही मिल पायी थी. अदालत के हस्तक्षेप के कारण वकील को मंगलवार (27 अप्रैल) रात बाकी खुराक मिल गयी.

 

 



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