कुरान शरीफ बेअदबी मामले में कोर्ट ने आप नेता नरेश यादव को किया बरी

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चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के विधायक नरेश यादव को बेअदबी मामले में कोर्ट ने बड़ी राहत दी. मंगलवार को संगरुर कोर्ट ने 2016 के मलेरकोटला कुरानशरीफ बेअदबी मामले में यादव को बरी कर दिया. अदालत में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं पेश किया जा सका. दोषी होने के कोई सबूत न मिलने के कारण अदालत ने नरेश यादव को बाइज्जत बरी कर दिया. 

कोर्ट का फैसला आने के बाद आप के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा और नरेश यादव ने प्रेस को संबोधित किया. मीडिया को संबोधित करते हुए हरपाल चीमा ने कहा कि अकाली-बीजेपी सरकार ने साजिश के तहत नरेश यादव को फंसाया. 2017 विधानसभा चुनाव के समय आम आदमी पार्टी की पूरे पंजाब भर में लहर थी. पंजाब के लोग अकाली-बीजेपी का विरोध कर रहे थे और आम आदमी पार्टी का लोग समर्थन कर रहे थे. इसीलिए अकाली सरकार ने आम आदमी पार्टी को बदनाम करने की नीयत से आप नेता पर बेअदबी के झूठ मुकदमे दायर किए औप पार्टी की छवि धूमिल करने की कोशिश की. अकाली-बीजेपी ने साजिश के तहत दोषी व्यक्ति विजय कुमार और गौरव कुमार से नरेश यादव का नाम बोलवाया और झूठा मामला दर्ज कर फंसाया. चीमा ने कहा कि कुरान शरीफ बेअदबी मामले की जांच के लिए कैप्टन सरकार ने जस्टिस रंजीत सिंह की अगुवाई में एक कमीशन का गठन किया. जस्टिस रंजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट में भी कहा गया कि दिल्ली के विधायक नरेश यादव का बेअदबी कांड से कोई लेना-देना नहीं है. यादव इस मामले में पूरी तरह से निर्दोष हैं.

आप नेता नरेश यादव ने मीडिया से कहा कि आज सत्य की जीत हुई है. मुझे साजिश के तहत फंसाया गया और मेरे उपर झूठा मुकदमा किया गया. जिस विजय कुमार को मैं जानता तक नहीं था उससे साजिश के तहत मुझे फंसाने के लिए मेरा नाम बोलवाया गया. लेकिन वेलोग कोर्ट में मेरे खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं कर सके. मुझे निर्दोष बताने और बरी करने के लिए मैं माननीय अदालत का धन्यवाद करता हूं. हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है. हम सारे धर्मों को मानने वाले लोग हैं और सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करते हैं. हम किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करते हैं. आम आदमी पार्टी विकास की राजनीति करती है. धर्म के नाम पर लोगों को उकसाना हमारा काम नहीं हैं. ये अकाली-बीजेपी का मुख्य काम है. 

उन्होंने कहा कि समाज का माहौल खराब करने के लिए बीजेपी-अकाली सरकार ने चुनाव को धार्मिक रंग देने की कोशिश की. चुनाव से ठीक पहले मौड़ मे बम धमाके हुए, जिसमें कई लोगों की जान चली गई. गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की गई और लोगों के भावनाएं भडक़ाये गए. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कैप्टन सरकार ने भी अभी तक किसी भी मामले के दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर सकी. जांच के नाम पर कैप्टन सरकार समय टाल रही है और गुप्त तरीके से सारे मामले को रफ-दफा करने में लगी है.



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