क्‍वाड देशों की बैठक से आगबबूला हुआ चीन, दी ये धमकी

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशीहाइड सुगा क्‍वाड समिट 2021 के लिए एक साथ आए और पुष्टि की कि वे स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समृद्ध भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए काम किया जाएगा, जिसके बाद चीन को मिर्ची लगी है और उसने शिखर सम्मेलन की आलोचना करते हुए कहा कि कोई भी ‘छोटे समूहों’ का गठन नहीं किया जाना चाहिए.

किसी भी देश का नाम लिए बिना चीन ने कहा कि कुछ राष्ट्र चीनी के लिए खतरा पैदा करते हुए और क्षेत्रीय राष्ट्रों के बीच कलह का प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा, ”कुछ देशों को अपनी शीत-युद्ध की मानसिकता और वैचारिक पूर्वाग्रह से बचना चाहिए. छोटे समूह बनाने से बचना चाहिए और अधिक काम करना चाहिए, जो क्षेत्रीय देशों में शांति और स्थिरता के बीच एकजुटता और सहयोग के लिए अनुकूल हैं.”

चीन के अधिकारी की कड़ी प्रतिक्रिया तब आई जब उन्हें चीन द्वारा प्रस्तुत चुनौती पर चर्चा करते हुए क्वाड के चार नेताओं पर टिप्पणी करने के लिए कहा गया. झाओ ने कहा कि काफी समय से कुछ देशों ने तथाकथित ‘चीन खतरे’ को लेकर गलत प्रचार किया है और क्षेत्रीय देशों के बीच कलह पैदा करने के लिए चीन के साथ उनके संबंधों को बाधित करने का काम किया है.

12 मार्च को पहली बार वर्चुअल क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग (क्वाड) शिखर सम्मेलन हुआ. बैठक की अध्यक्षता करते हुए चार नेताओं द्वारा एक संयुक्त राय पत्र जारी किया गया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को मुक्त, खुला, सुरक्षित बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि भारत में भारी निवेश किया जाएगा ताकि देश भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारी मात्रा में COVID-19 टीके का उत्पादन कर सके.



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