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ब्रिटिश कंपनी ने पाकिस्तानी नेताओं पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, तो इमरान खान ने कही ये बड़ी बात

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नई दिल्लीः पाकिस्तान के नेता दुनिया की टेबल पर भले ही अपने आपको भला समझते हो, लेकिन ब्रिटिश कंपनी ने उनपर गंभीर आरोप लगाए हैं. ब्रिटिश कंपनी ने पाकिस्तान के नेताओं की पोल खोलते हुए मनीलॉड्रिंग के आरोप ल-गाए हैं. इन गंभीर आरोपों को देखते हुए पाकिस्तान के पीएम इमरान खान आग बबूला हो गए और कंपनी के दावे को गंभीरता से लेते हुए मामले में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं. 

ब्रॉडशीट एलएलसी’ के ऑनर कावेह मौसावी ने बीते दिन पहले आरोप लगाया था कि पाकिस्तान के पूर्व नवाज प्रधानमंत्री शरीफ ने उनकी कंपनी को अपनी विदेशी संपत्ति के खिलाफ जारी जांच को रोकने के लिए रिश्वत की पेशकश की थी. कंपनी के पास कई अन्य बड़ी हस्तियों के भी भ्रष्टाचार और धनशोधन में शामिल होने के सबूत हैं.

पीएम इमरान खान ने मौसावी के दावे पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा, ‘पनामा पेपर्स ने हमारे कई नेताओं के भ्रष्टाचार और धनशोधन में लिप्त होने का खुलासा किया था. अब ब्रॉडशीट एलएलसी ने भी ऐसा ही दावा किया है. ये खुलासे एक बड़े प्रकरण का छोटा-सा हिस्सा हैं. हम ब्रिटिश कंपनी से पाकिस्तान के नेताओं से जुड़े धनशोधन मामले में पूर्ण पारदर्शिता की उम्मीद रखते हैं.  चाहते हैं कि वह उस व्यक्ति के बारे में भी बताए, जिसने जांच रोकने की कोशिश की.

इमरान ने लिखा, “कुछ नेता सत्ता में आते हैं और लूट-खसोट करते हैं. वे गलत तरीके से अवैध धन कमाकर विदेश में छिपाने के लिए धनशोधन करते हैं. इसके बाद अपने राजनीतिक रसूख की आड़ में एनआरओ हासिल करते हैं. भ्रष्टाचार के आरोपी नेता अंतरराष्ट्रीय खुलासों पर खुद को पीड़ित पक्ष के तौर पर पेश कर अपना बचाव नहीं कर सकते. उन्हें अपने किए की सजा भुगतनी ही होगी.

राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो, उनके पति आसिफ अली जरदारी और दर्जनों अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को माफ करने के लिए 2007 में लाया था, ताकि उनके साथ एक राजनीतिक समझौता किया जा सके. यह कानून राजनीतिक सौदेबाजी करने के लिए एक राजनतिक रियायत का पर्याय बन गया है.

मौसावी के खुलासे के बाद खान ने ऊपर उल्लेख किए गए लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक अंतरमंत्रालयी समिति गठित की है. सूचना मंत्री शिबली फराज ने कहा, ”कैबिनेट ने एक अंतर मंत्रालयी समिति गठित की है, जो ब्रॉडशीट कांड में उल्लेख किए गए व्यक्तियों के नामों का खुलासा करेगी. उन्होंने कहा कि खान ने जांच के बाद उन नामों को सार्वजनिक करने का फैसला किया है.



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