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Breaking: राजस्थान सरकार ने पंद्रह दिन के लिए बढ़ाया कर्फ्यू, जानें क्या रहेगा बंद और क्या खुलेगा?

जयपुर: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने वीकेंड पर लगाए गए कर्फ्यू को आगामी तीन मई (सुबह पांच बजे तक) तक के लिए बढ़ा दिया है, जिसमें सभी कार्यस्थल, व्यवसायिक अनुप्रयोग और बाज़ार बंद रहेंगे. मुख्यमंत्री गहलोत ने इसे जन-अनुशासन पखवाड़ा नाम दिया है.

जन अनुशासन पखवाड़ा के दौरान लागू होने वाले प्रतिबंध जनसंख्या सामान्य की सुविधा और आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित पर लागू नहीं होंगे-

1- उपयुक्त पहचान पत्र-पत्र के साथ राजकीय कार्मिकों यथा जिला प्रशासन, गृह, वित्त, पुलिस, जेल, होमगार्ड, कंट्रोल रूम, वॉर रूम, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन स्वास्थ्य, सार्वजनिक परिवहन, आपदा प्रबंधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगर- निगम, नगर विकास प्रान्यास, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, संपर्क, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और चिकित्सा संबंधी इत्यादि.

2- केंद्र सरकार की आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यालय और संस्थान अनुमतियाँ रहेंगी और संबंधित कार्मिक उपयुक्त पहचान पत्र के साथ अनुमतियाँ रहेंगी.

3- उपरोक्त के अलावा सभी कार्यालय बंद रहेंगे.

4- बस स्टेंड, रेल्वे, मेट्रो स्टेशन और टर्मिनल से आने-जाने वाले व्यक्तियों को यात्रा का टिकट दिखाने पर वचन की अनुमति होगी. राज्य में आने वाले यात्रियों को यात्रा शुरू करने के पिछले 72 घंटों के अंदर करवाई गई आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा.

5- गर्भवती महिलाओं और रोगियों को चिकित्सीय और स्वास्थ्य सेवाओं के परामर्श के लिए.

6- सभी निजी चिकित्सालय, रिलायंस और उनसे संबंधित कार्मिक (उपयुक्त पहचान पत्र के साथ) जैसे डॉ, नर्सिंग स्टाफ़, पैरामेडिकल और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग.

7- खाद्य पदार्थ और किराने का सामान, मंडियां, फल और सब्ज़ियाँ, डेरा और दूध, पशुचारा से संबंधित खुदरा, थोक दुकानों साय पाँच बजे तक अनुमतियाँ होंगी. & जहां तक संभव हो सके उनके द्वारा होम ऑफर की व्यवस्था की जाएगी.

8- सब्ज़ियों और पैरों को ठेलों, साइकिल रिक्शा, ऑटो रिक्शा, मोबाइल वैन द्वारा सांय सात बजे तक बेचा जा सकेगा.

9- अंतर्राज्यीय और राज्य के अंदर माल परिवहन करने वाले भार वाहनों के बोलने, माल के लोडिंग और अनोदिंग और उक्त कार्य के लिए नियोजित व्यक्ति. राष्ट्रीय एवं राज्य सरकारों पर संचालित ढाबे और वाहन रिपेयर की दुकानों की अनुमति होगी.

10- वर्तमान में रबी की फसलों की आवक मंडियों में हो रही है और समर्थन मूल्य पर फसलों को क्रय किया जा रहा है. यह कार्यवाही भी सक्रिय होगी. अत: ऐसे केंद्रों पर भी विभाजित उपयुक्त व्यवहार की पालना सुनिश्चित की जावेगी किंतु कृषकों का मंडी पहुंचने और वापस जाने के अतिरिक्त मंडी परिसर से बाहर पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा. साथ ही कृषकों को मंडी जाते समय अपने माल का सत्यापन और देवता जाते समय बिक्री की रसीदें / बिल का सत्यापित कर अनिवार्य होगा.

11- राशन की दुकानें बिना किसी अवकाश के खुली रहेंगी.

12- 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को जिन्होंने टीकाकरण के लिए पहले से पंजीकरण करवा रखा है, टीकाकरण स्थल पर जाने की अनुमति होगी किंतु साथ में पंजीकरण संबंधी दस्तावेज और अपना आईडी कार्ड साथ में रखना अनिवार्य होगा.

13- समाचार पत्र वितरण के लिए चार बजे से आठ बजे तक छूट होगी. थियिक्स, प्रिंट मीडिया के कार्मिकों को परिचय पत्र के साथ आने-जाने की अनुमति होगी.

14- विवाह समारोह और अंतिम संस्कार से संबंधित आंदोलनों को दिनांक 14-04-2021 में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुमतियाँ होंगी.

15- पूर्व में निर्धारित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र दिखाने पर परीक्षा केंद्र पर सुनवाई की अनुमित होगी.

16- दूरसंचार, इंटरनेट फिल्म, डाक नंबर, कुरिअर सुविधा, प्रकाशन और केबल फिल्म, आईटी, और आईटी संबंधित फिल्में.

17- बैंकिंग सेवाओं के लिए बैंक, एटीएम और बीमा कार्यालय.

18- सेबी / स्टॉक से संबंधित व्यक्तियों को उपयुक्त पहचान पत्र के साथ अनुमति होगी.

19- भोजन सामग्री, फ़ार्मसूट्स, चिकित्सीय उपकरण आदि सभी आवश्यक वस्तुओं का ई-कॉमर्स के माध्यम से वितरण.

19- प्रोसेस्ड फ़ूड, मिठाई व मिष्ठान, रेस्टोरेंट्स होम ऑफर रात्रि आठ बजे तक अनुमतियाँ होंगी.

20- इंद्र रसोई में भोजन बनाने और उसके वितरण का कार्य रात्रि आठ बजे तक को विभाजित गाइडलाइन्स के अनुसार अनुमतियाँ होंगी.

21- राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के अंतर्गत काम करने वाले श्रमिक.

22- सभी उद्योग और निर्माण से संबंधित इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी जिससे श्रमिक वर्ग का पलायन रोका जा सकेगा. संबंधित इकाई द्वारा अपने श्रमिकों को अधिकृत व्यक्ति द्वारा पहचान पत्र जारी किया जा सकता है, जिसे बोलने में सुविधा हो. संस्थान को प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर और प्रति जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा.

23- जिला कलेक्टर और जिला धार्मिक / पुलिस आयुक्त द्वारा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. & लगाए गए प्रतिबंधों में शिथिलता प्रदान की जा सकती है.

उक्त दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 के क़ानूनी प्रावधानों के अंतर्गत व अन्य कानूनी प्रावधान जो लागू हों के अलावा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 और महामारी अधिनियम 2020 के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जावेगी.



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