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कोरोना वैक्सीन लगने के 9 दिन बाद स्वयंसेवक की मौत, भारत बायोटेक ने बताई ये वजह

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नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चौंका देने वाला मामला सामने आया है. जहां कोरोना वायरस का टीका ‘कोवैक्सीन’ लगाए जाने के 9 दिन बाद स्वयंसेवक की मौत हो गई. 45 वर्षीय एक व्यक्ति को यह टीका भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में लगाया गया था. कोवैक्सीन भारत बायोटेक और भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा बनाई गई स्वदेशी कोरोना वैक्सीन है, जिसका फाइनल ट्रायल बीती 7 जनवरी को पूरा हुआ है. मृतक की पहचान दीपक मरावी के रूप में हुई है. 

उनकी मौत 21 दिसंबर को हो गई थी. दीपक भोपाल के टीला जमालपुरा स्थित सूबेदार कॉलोनी में अपने घर में मृत पाए गए. अगले दिन उनके शव का पोस्टमॉर्टम हुआ था और प्रारंभिक रिपोर्ट में उनके शरीर में जहर मिलने की पुष्टि हुई. मीडिया रिपोर्ट‌्स के अनुसार, मरावी के बेटे का कहना है कि वह मजदूर थे और टीका परीक्षण के लिए एक स्वयंसेवक के रूप में शामिल हुए थे. उन्हें 12 दिसंबर को पहली खुराक दी गई थी. दीपक की पत्नी वैजयंती मरावी का कहना है कि वो इंजेक्शन लगवा कर आए, सात दिन तक ठीक थे और खाना खा रहे थे. 

इसके बाद उन्हें चक्कर आने लगे. मैंने उनसे कहा था कि चलते नहीं बन रहा तो आराम करो. वो खाना थोड़ा-थोड़ा खा रहे थे. 21 को उन्हें उल्टी होने लगी मुंह से झाग निकल रहा था. बेटे का कहना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद उनकी सेहत का हाल जानने के लिए अस्पताल से फोन आते रहे. 21 दिसंबर को उनके पिता की निधन की जानकारी लेने पीपुल्स प्रबंधन से तीन बार फोन आया, लेकिन संस्थान से कोई भी नहीं आया. 

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस घटना पर चिंता जताई है. इस मामले पर वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक का बयान सामने आया है. भारत बायोटेक का कहना है कि स्वयंसेवक, नामांकन के समय तीसरे चरण के परीक्षण में प्रतिभागी के रूप में स्वीकार किए जाने वाले सभी मानदंडों को पूरा कर चुका था और सभी में स्वस्थ होने की सूचना दी गई थी. 

कंपनी का कहना है कि 7 दिन की खुराक के बाद उन्हें कॉल किए गए और कोई प्रभाव नहीं दिखे. खुराक और प्रारंभिक समीक्षाओं के नौ दिन बाद स्वयंसेवक का निधन हो गया, यह दर्शाता है कि मृत्यु अध्ययन डोजिंग से संबंधित नहीं है. गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल पुलिस को जो साइट मिली है, उसमें मौत का संभावित कारण कार्डियोरसेप्‍पोरेटरी फेल होने और संदिग्ध जहर के कारण है और पुलिस मामले की जांच कर रही है. 



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