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Basant Panchami 2021 : वसंत पंचमी पर बन रहे हैं तीन महासंयोग, छात्र इस मुहूर्त करें पूजा, पूरी होगी मन मांगी मुराद

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नई दिल्ली : बुद्धि, विद्या और ज्ञान वाणी की देवी माता सरस्वती की पूजा तो पूरे साल की जाती है, लेकिन वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के पूजा का खास महत्व है. इस दिन को सभी लोगों को खासकर छात्रों को हर साल रहता है. इस साल सरस्वती पूजा 16 फरवरी को है. मान्यता के मुताबिक इस दिन सच्चे मन से मां सरस्वती की आराधना करने से विद्या, बुद्धि और नाना प्रकार के फल की प्राप्ति होती और श्रद्धालूओं के सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. मां सरस्वती की कृपा से ही महामूर्ख भी कालिदास बन जाता है.

पंचांग के अनुसार 16 फरवरी को सुबह 03 बजकर 36 मिनट पर पंचमी तिथि आरंभ होगी वहीं बसंत पंचमी का समापन 17 फरवरी को सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर होगा.

इस साल सरस्वती पूजा पर तीन विशेष योग बन रहे हैं. इस बार बसंत पंचमी यानी सरस्वती पूजा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं. ये तीनों ही विशेष योग रात 08 बजकर 57 मिनट से अगले दिन 17 फरवरी को सुबह 06 बजकर 58 मिनट तक बने रहेंगे. 

अश्विनी नक्षत्र का संयोग अमृतसिद्धि महायोग व सिद्धि योग भी बन रहा है, जो विद्यार्थियों के लिए खास है. भौमाश्विनी योग का संयोग दुर्लभ है, जो रात्रि 10.55 बजे से दूसरे दिन सूर्योदय तक रहेगा. जो विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले रहे हैं, उन्हें इस योग में मां की साधना से सरस्वती की कृपा प्राप्त होगी. 

वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचमी तिथि की शुरुआत- सुबह 3.36 बचे से  

पूजा का शुभ मुहूर्त – सुबह 6.59 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक

पूजा की कुल अवधि- 5.37 घंटा

पंचमी तिथि समाप्त- 17 फरवरी सुबह 5.46 बजे पर

बसंत पंचमी के दिन ऐसे करें मां सरस्वती पूजा

– इस दिन श्रद्धालू खासकर विद्यार्थी सुबह स्नान के बाद श्वेत अथवा पीत वस्त्र धारण करें. 

– बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को पीले रंग का फूल और फूल अर्पण करें

– मां सरस्वती के चित्र के समक्ष पीला मिष्ठान चढ़ाएं और मां सरस्वती से विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद लें. 

मां सरस्वती पूजा मंत्र

– या कुंदेंदुतुषारहारधवला, या शुभ्रवस्त्रावृता. या वीणा वर दण्डमण्डित करा, या श्वेत पद्मासना. 

– या ब्रहमाऽच्युत शंकर: प्रभृतिर्भि: देवै: सदा वन्दिता. सा मां पातु सरस्वती भगवती, नि:शेषजाड्यापहा..  

– इसके बाद ‘ओम् ऐं सरस्वत्यै नम:’ का जाप करें.

– इसके साथ ही ‘ओम् ऐं सरस्वत्यै नम:’ लघु मंत्र का नियमित रूप से प्रतिदिन ध्यान और जाप करने से विद्या, बुद्धि और विवेक बढ़ता है.



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