Toll Plaza : वाहन चालकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारत में अब वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में खड़े होकर भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार ने नेशनल हाइवेज पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल सिस्टम लागू करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इससे टोल वसूली के पारंपरिक ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
इस टोल प्लाजा से होगी शुरुआत
आपको बता दें कि इस तकनीकी बदलाव की शुरुआत गुजरात के चोर्यासी टोल प्लाज़ा से होगी, जो भारत का पहला “बाधा मुक्त टोल प्लाज़ा” बनने जा रहा है।
जानें क्या है नया सिस्टम?
आपको बता दें कि यह एक अत्याधुनिक टोल सिस्टम है, जिसमें वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होती। फास्टैग, कैमरा आधारित वाहन पहचान तकनीक (ANPR कैमरे), हाई-टेक रीडर्स और सेंसर की मदद से स्वचालित रूप से टोल शुल्क वसूला जाएगा। वाहन जैसे ही टोल ज़ोन से गुजरता है, उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर ली जाती है और फास्टैग से राशि काट ली जाती है।
इन हाईवे पर 2025-26 में लागू होगी तकनीक
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह नई प्रणाली लागू की जाएगी। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य है टोल कलेक्शन को तेज, पारदर्शी और स्मार्ट बनाना, साथ ही यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव देना।
चोर्यासी टोल प्लाजा बना देश में पहला
गुजरात स्थित चोर्यासी टोल प्लाज़ा को इस नई व्यवस्था के लिए चुना गया है, जहां यह तकनीक सबसे पहले लागू की जाएगी। इस प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड और ICICI बैंक के बीच एक समझौता (MoU) किया जा चुका है।














