New Road : केंद्र सरकार द्वारा लोगों को बेहतर यातायात सुविधा देने के लिए लगातार एक्सप्रेसवे, हाईवे और सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन इसी बीच आज हम आपको राजधानी दिल्ली की एक ऐसी सड़क के बारे में बताने जा रहे हैं जो रेत, बजरी या सीमेंट से नहीं बल्कि कूड़े से बनी है। जी हां…दिल्ली में कूड़ा एक बड़ी समस्या है। गाजीपुर, ओखला और भलस्वां लैंडफिल साइट लगभग फुल हो चुके हैं। ऐसे में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसका अच्छा समाधान निकाला है।
इस कूड़े के इस्तेमाल से एक सड़क तैयार हो चुकी है। जल्द ही इस सड़क का उद्घाटन होना है। इस सड़क पर वाहन चलाते समय आप कहेंगे क्या सड़क बनाई है। आइए जानते हैं यह रोड कहा बनी है है। आपको बता दें कि इस सड़क का निर्माण अर्बन एक्सटेंशन रोड 2 ( यूईआर 2, उत्तरी दिल्ली के अलीपुर से महिपालपुर तक) तक किया गया है। ये रोड एक्सप्रेसवे जैसी है, जिससे बहुत ही कम समय में एयरपोर्ट पहुंचा जा सकेगा।
10 लाख मिट्रिक टन कचड़े का हुआ इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि इस रोड के निर्माण में करीब 10 लाख मिट्रिक टन कचड़े का इस्तेमाल किया गया है। यह जानकारी पूर्व में स्वयं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी दे चुके हैं। दिल्ली की तीनों बड़े लैंडफिल साइट गाजीपुर, ओखला और भलस्वां में प्रतिदिन 10 हज़ार मीट्रिक टन तक कूड़ा फेंका जाता है। चूंकि रोड में 10 लाख मिट्रिक टन कूड़े का इस्तेमाल हुआ है, इस तरह करीब तीन माह का कूड़ा इस सड़क निर्माण में इस्तेमाल हुआ है। New Road
एयरपोर्ट जाना भी होगा आसान
यूईआर-2 शुरुआत दिल्ली के अलीपुर में दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग से होगी, फिर मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़, द्वारका से गुजरते हुए यह महिपालपुर के पास दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर खत्म होता है. इससे एयरपोर्ट जाना भी आसान होगा।
जानें कहां-कहां से गुजरेगा ये रोड
ये रोड अलीपुर के बांकोली गांव से शुरू होकर बवाना औद्योगिक क्षेत्र, रोहिणी, मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़ और द्वारका के जरिए से एनएच -2 से होकर गुजरेगा। दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र से इसकी पहली चार लेन शुरू होगी और यह हरियाणा के सोनीपत के गांव बड़वासणी में एनएच-352 ए तक जाएगी। इसके बाद वाली छह लेन बक्करवाला से शुरू होकर हरियाणा के बहादुरगढ़ बाईपास के पास एनएच-10 तक जाएगी। New Road
सड़कों में यूज के फायदे
बिटूमिन के साथ प्लास्टिक के इस्तेमाल से बनी सड़कों पर सर्दियों में पर दरार नहीं आती है. वहीं गर्मियों में बिटूमिन पिघलता नहीं है. सामान्य सड़कों के मुकाबले प्लास्टिक इस्तेमाल कर बनाई जाने वाली सड़क अधिक मजबूत होती है और ज्यादा समय चलती है। जल भराव के प्रति रजिस्टेंस बढ़ता है. भार सहने की क्षमता अधिक रहती है. इस तरह की सड़क के रखरखाव में खर्च कम आता है.














