हिसार: हरियाणा के हिसार जिले के हांसी शहर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। चार युवकों ने एक छात्र के साथ अमानवीय व्यवहार किया, उसकी वीडियो बनाई, जान से मारने की धमकी दी और 14,500 रुपये छीन लिए। पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(2), 115(2), 75, और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित छात्र ने पुलिस को बताया कि 26 अप्रैल 2025 को उसके पड़ोसी ने फोन कर उसे ऑफिस बुलाया। उसी दिन, कॉलेज से लौटने के बाद उसके पिता ने उसे 14,500 रुपये नरेश पंसारी को देने के लिए कहा। जब वह पैसे लेकर आरोपी के ऑफिस पहुंचा, तो कुछ देर बाद आरोपी युवक वहां आया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
थोड़ी देर बाद तीन अन्य युवक भी ऑफिस में पहुंचे। आरोपियों ने ऑफिस का गेट बंद कर दिया और छात्र के कपड़े उतारकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने पूरी घटना की वीडियो भी बनाई।
आरोपियों की क्रूरता
शिकायत के अनुसार, तीन युवकों ने छात्र को जमीन पर गिरा दिया, जबकि एक युवक ने उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा डाला। आरोपी पलाश ने उसकी खाल खींचने की कोशिश की। इसके अलावा, एक आरोपी ने अपना प्राइवेट पार्ट पीड़ित के मुंह में डालने की घिनौनी हरकत की। आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाया और उसे वायरल करने की धमकी दी।
आरोपियों ने पीड़ित का मोबाइल फोन तोड़ दिया, 14,500 रुपये छीन लिए और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण पीड़ित कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकला। जब परिजनों ने उससे पूछताछ की, तो उसने पूरी घटना बताई।
पुलिस की कार्रवाई
हांसी शहर थाना के SHO सदानंद ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 127(2) (लूट), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 75 (यौन उत्पीड़न), और 3(5) (सामान्य इरादे से किया गया अपराध) के तहत FIR दर्ज की है। SHO ने कहा, “मामले की गहन जांच की जा रही है। तफ्तीश के बाद सच्चाई सामने आएगी।”
मामले की गंभीरता
यह घटना हांसी में चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोपियों की क्रूरता और पीड़ित के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस ने पीड़ित की सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए तेजी से कार्रवाई शुरू की है।
आगे की जांच
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, टूटे हुए फोन के डेटा, और अन्य तकनीकी साधनों के जरिए आरोपियों की पहचान और उनके ठिकानों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, पीड़ित के बयानों और मेडिकल जांच के आधार पर मामले को और मजबूत किया जा रहा है।








