हरियाणा का सरकार का आदेश, किसान भाई एक मई तक कर ले दावा, वरना नहीं मिलेगी मुआवजा

Published On: April 27, 2025
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हरियाणा में किसान भाई

हरियाणा में हाल ही में आगजनी की घटनाओं में किसानों की खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने किसानों से आग्रह किया है कि वे एक मई 2025 तक अपने फसल नुकसान के दावे को ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड करें। सरकार का कहना है कि जितनी जल्दी किसान यह प्रक्रिया पूरी करेंगे, उतनी जल्दी उन्हें राहत देने का फैसला लिया जाएगा।

7 जिलों के किसानों को मिलेगा मुआवजा

वित्तीय आयुक्त राजस्व (एफसीआर) सुमिता मिश्रा ने सिरसा, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, चरखी दादरी, यमुनानगर, कैथल और रोहतक जिलों के डिप्टी कमिश्नरों (DC) को निर्देश दिया है कि वे किसानों को पोर्टल पर फसल नुकसान के दावे अपलोड करने के लिए जागरूक करें।

  • इन 7 जिलों के 102 गांवों में आग की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ है।

  • कृषि विभाग के मुताबिक, 814 एकड़ से ज्यादा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है।

  • इससे 312 किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।

किस जिले में कितना नुकसान?

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार:

  • सिरसा में सबसे ज्यादा 266.28 एकड़ फसल बर्बाद हुई।

  • कैथल में 146.3 एकड़ फसल जली।

  • फतेहाबाद में 83.3 एकड़ फसल को नुकसान हुआ।

  • कुरुक्षेत्र में 57 एकड़ फसल प्रभावित हुई।

कैसे मिलेगा मुआवजा?

  • किसानों द्वारा पोर्टल पर दावे अपलोड करने के बाद, संबंधित डिप्टी कमिश्नर (DC) उन दावों की पुष्टि करेंगे।

  • पुष्टि के बाद राज्य सरकार जल्दी ही मुआवजा पैकेज जारी करेगी।

  • सरकार का मकसद है कि किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक राहत मिल सके।


कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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