नई दिल्ली। संसद बजट सत्र: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों ने मणिपुर मुद्दे, मतदाता सूची में कथित हेराफेरी और अन्य मसलों को लेकर संसद में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राज्यसभा और लोकसभा दोनों में विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की कोशिश की, जिससे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने मणिपुर में हालिया हिंसा को लेकर सरकार से जवाब मांगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन विरोध जारी रहा।
‘ईपीआईसी’ मुद्दे पर सरकार और विपक्ष में टकराव
बजट सत्र के इस चरण में सरकार और विपक्ष के बीच वोटर लिस्ट में कथित हेराफेरी (EPIC), मणिपुर हिंसा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है। विपक्ष इन मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का ध्यान बजटीय प्रक्रिया को पूरा करने, मणिपुर बजट के अनुमोदन और वक्फ संशोधन विधेयक पारित कराने पर केंद्रित है।
ताजमहल में दरार का मुद्दा उठा, लोकसभा स्थगित
लोकसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) में खाली पड़े पदों पर सवाल उठाया और दावा किया कि ताजमहल में दरारें पड़ रही हैं और पानी का रिसाव हो रहा है। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सदन में हंगामा हुआ, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
भाषा विवाद पर बीजेपी बनाम डीएमके
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पीएम श्री स्कूल योजना को लागू करने में “यू-टर्न” ले रही है और राज्य के छात्रों के भविष्य को “बर्बाद” कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके (DMK) सरकार सिर्फ भाषा की बाधाएं खड़ी कर राजनीति कर रही है।
प्रधान की इस टिप्पणी पर डीएमके सांसदों ने जोरदार विरोध किया, जिससे लोकसभा की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट पर चर्चा की मांग की
लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि पूरे देश में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठ रहे हैं और पूरे विपक्ष की सिर्फ यही मांग है कि इस मुद्दे पर सदन में चर्चा हो।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का डीएमके पर हमला
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने डीएमके पर हमला बोलते हुए कहा कि तमिल सबसे पुरानी भाषा हो सकती है, लेकिन संस्कृत उससे भी पुरानी है। उन्होंने कहा कि देशभर के मंदिरों में संस्कृत में ही पूजा होती है और चुनाव हारने के डर से डीएमके सरकार नई शिक्षा नीति का विरोध कर रही है।










